रेडियोथेरेपी यानी रेडिएशन थेरेपी क्या है?

रेडियोथेरेपी यानी रेडिएशन थेरेपी क्या है?
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रेडिएशन थेरेपी कैसे काम करती है एवं इसके लाभ, दुष्प्रभाव और इसकी आधुनिक तकनीकें

कैंसर के उपचार में रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy या Radiotherapy) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी तथा व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली उपचार पद्धति है। विश्वभर में कैंसर के लगभग आधे से अधिक रोगियों को उपचार के किसी न किसी चरण में रेडियोथेरेपी की आवश्यकता पड़ती है। फिर भी इसके बारे में समाज में अनेक भ्रांतियां प्रचलित हैं।

कुछ लोग यह मानते हैं कि रेडियोथेरेपी लेने के बाद रोगी का पूरा शरीर “रेडियोएक्टिव” हो जाता है या यह उपचार अत्यधिक खतरनाक होता है। वास्तव में यह धारणा सही नहीं है।

आधुनिक रेडियोथेरेपी एक सुरक्षित, नियंत्रित और वैज्ञानिक उपचार है, जिसमें उच्च ऊर्जा वाली एक्स-रे (X-rays), गामा किरणें (Gamma Rays), इलेक्ट्रॉन बीम या कुछ विशेष परिस्थितियों में प्रोटॉन बीम (Proton Beam) का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है या उनकी वृद्धि को रोक दिया जाता है। अत्याधुनिक कंप्यूटर तकनीक की सहायता से विकिरण केवल कैंसरग्रस्त भाग पर अत्यंत सटीकता के साथ केंद्रित किया जाता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को जितना संभव हो कम नुकसान पहुंचता है।

रेडियोथेरेपी कैसे काम करती है?

रेडियोथेरेपी का मुख्य उद्देश्य होता है कैंसर कोशिकाओं के डीएनए (DNA) को क्षतिग्रस्त करना। डीएनए वह आनुवंशिक सामग्री है जो कोशिकाओं के विभाजन और वृद्धि को नियंत्रित करती है। जब विकिरण कैंसर कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाता है, तो वे विभाजित नहीं कर पातीं और धीरे-धीरे नष्ट हो जाती हैं।

क्योंकि कैंसर कोशिकाएं सामान्य कोशिकाओं की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ती और विभाजित होती हैं, इसलिए वे विकिरण के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। दूसरी ओर, शरीर की अधिकांश स्वस्थ कोशिकाएं उपचार के बाद स्वयं को काफी हद तक ठीक कर लेती हैं। यही कारण है कि उपचार को कई छोटे-छोटे सत्रों (Fractions) में दिया जाता है, ताकि सामान्य ऊतकों को स्वस्थ होने का समय मिल सके।

रेडियोथेरेपी कब दी जा सकती है?

रेडियोथेरेपी का उपयोग रोग की स्थिति और उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

1. क्यूरेटिव रेडियोथेरेपी (Curative Radiotherapy)

जब उद्देश्य कैंसर को पूरी तरह से समाप्त करना होता है, तब रेडियोथेरेपी अकेले या अन्य उपचारों के साथ दी जाती है।

2. एडजुवेंट रेडियोथेरेपी (Adjuvant Radiotherapy)

सर्जरी के बाद यदि सूक्ष्म कैंसर कोशिकाएं बच जाने की संभावना हो, तो उन्हें नष्ट करने और कैंसर के दोबारा होने का जोखिम कम करने के लिए रेडियोथेरेपी दी जाती है।

3. नियोएडजुवेंट रेडियोथेरेपी (Neoadjuvant Radiotherapy)

कुछ मामलों में सर्जरी से पहले ट्यूमर का आकार छोटा करने के लिए रेडियोथेरेपी दी जाती है, जिससे ऑपरेशन अधिक सफल हो सकता है।

4. पैलिएटिव रेडियोथेरेपी (Palliative Radiotherapy)

यदि कैंसर पूरी तरह ठीक होना संभव न हो, तब भी रेडियोथेरेपी दर्द, रक्तस्राव, हड्डियों के दर्द, नसों पर दबाव या अन्य लक्षणों को कम करके रोगी के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आधुनिक रेडियोथेरेपी की तकनीकें

विगत वर्षों में रेडियोथेरेपी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज अनेक उन्नत तकनीकों के माध्यम से उपचार पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सटीक हो चुका है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-

  • आईएमआरटी (IMRT – Intensity Modulated Radiation Therapy): विकिरण की तीव्रता को नियंत्रित कर कैंसर को और अधिक नियंत्रित किया जाता है और स्वस्थ ऊतकों पर कम प्रभाव डाला जाता है।
  • आईजीआरटी (IGRT – Image Guided Radiation Therapy): प्रत्येक सत्र से पहले इमेजिंग द्वारा कैंसर की सटीक स्थिति सुनिश्चित की जा सकती है।
  • एसबीआरटी (SBRT – Stereotactic Body Radiation Therapy): शरीर के छोटे ट्यूमर पर अत्यंत उच्च सटीकता से विकिरण दिया जाता है।
  • एसआरएस (SRS – Stereotactic Radiosurgery): मुख्यतः मस्तिष्क के छोटे ट्यूमर या कुछ विशेष रोगों के उपचार में प्रयुक्त होती है।
  • प्रोटॉन थेरेपी (Proton Therapy): इसमें प्रोटॉन बीम का उपयोग किया जाता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को और भी कम विकिरण मिलता है। यह कुछ विशेष कैंसरों और चुनिंदा रोगियों में काफी उपयोगी होता है।

क्या रेडियोथेरेपी के दौरान दर्द होता है?

यह भी एक सामान्य भ्रम ही है। वास्तव में रेडियोथेरेपी के दौरान आमतौर पर रोगी को कोई दर्द महसूस नहीं होता। उपचार मशीन शरीर को स्पर्श भी नहीं करती।

प्रत्येक सत्र सामान्यतः 10 से 20 मिनट का ही होता है, जबकि वास्तविक विकिरण केवल कुछ मिनटों के लिए दिया जाता है। अधिकांश रोगी उपचार के बाद उसी दिन सामान्य रूप से घर लौट सकते हैं।

यह भी पढ़ें: कैंसर का इलाज कैसे किया जाता है?

रेडियोथेरेपी के होने वाले प्रमुख लाभ

रेडियोथेरेपी के अनेक लाभ होते हैं।

  • यह कैंसर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से नष्ट करती है। कई मामलों में सर्जरी की आवश्यकता कम कर सकती है।
  • सर्जरी के बाद बचे हुए कैंसर को समाप्त करने में सहायक होती है।
  • दर्द और अन्य लक्षणों से राहत दिलाती है।
  • आधुनिक तकनीकों के कारण स्वस्थ ऊतकों की बेहतर सुरक्षा होती है।
  • कई प्रकार के कैंसर में उपचार की सफलता बढ़ा देती है।

रेडियोथेरेपी होने वाले संभावित दुष्प्रभाव

रेडियोथेरेपी के दुष्प्रभाव इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर के किस भाग का उपचार किया जा रहा है। प्रत्येक रोगी में दुष्प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं।

इसके सामान्य दुष्प्रभावों में मुख्य रूप से शामिल हैं-

  • थकान
  • उपचार वाले स्थान की त्वचा में लालिमा, रूखापन या हल्की जलन
  • उपचार वाले क्षेत्र के बाल झड़ना
  • मुंह या गले का सूखापन
  • निगलने में कठिनाई
  • भूख कम लगना
  • दस्त या पेट संबंधी हल्की समस्याएं (यदि पेट या श्रोणि क्षेत्र का उपचार हो)

अधिकांश दुष्प्रभाव अस्थायी होते हैं और उपचार समाप्त होने के कुछ सप्ताह बाद धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। आधुनिक तकनीकों और सहायक उपचारों से इन्हें काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

इस उपचार के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियां

रेडियोथेरेपी के दौरान कुछ सरल सावधानियां उपचार को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना सकती हैं-

  • संतुलित एवं प्रोटीनयुक्त पौष्टिक भोजन लें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • पर्याप्त विश्राम करें।
  • उपचार वाले स्थान को साफ और सूखा रखें।
  • बिना चिकित्सकीय सलाह के उस स्थान पर कोई क्रीम, तेल, पाउडर या घरेलू लेप न लगाएं।
  • धूम्रपान और शराब से पूरी तरह बचें।
  • चिकित्सक द्वारा निर्धारित सभी फॉलो-अप और उपचार सत्र समय पर पूरे करें।

रेडियोथेरेपी लेने वाला रोगी रेडियोएक्टिव हो जाता है?

बिल्कुल नहीं। यही सबसे बड़ा और सबसे आम भ्रम आमजन में है।

बाहरी रेडियोथेरेपी (External Beam Radiotherapy) लेने वाले अधिकांश रोगियों का शरीर उपचार के बाद रेडियोएक्टिव नहीं होता। वे अपने परिवार, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के साथ सामान्य रूप से रह सकते हैं।

हां, कुछ विशेष प्रकार की आंतरिक रेडियोथेरेपी (Brachytherapy) या रेडियोआइसोटोप आधारित उपचार में सीमित अवधि के लिए चिकित्सक कुछ विशेष सावधानियां अपनाने की सलाह दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में रोगी को आवश्यक निर्देश स्पष्ट रूप से दिए जाते हैं।

रेडिएशन थेरेपी आधुनिक कैंसर उपचार की एक सुरक्षित और वैज्ञानिक, सटीक और अत्यंत प्रभावी तकनीक है। यह अकेले या सर्जरी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी तथा अन्य उपचारों के साथ मिलकर किया जा सकता है। अत्याधुनिक तकनीकों के कारण आज उपचार पहले की तुलना में अधिक सफल और दुष्प्रभाव अपेक्षाकृत पहले की अपेक्षा बहुत कम हो गए हैं।

जरूर याद रखें

रेडियोथेरेपी कोई डरने की बात नहीं है। इसे सही रूप में समझने की आवश्यकता है। समय पर उपचार, विशेषज्ञ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट की देखरेख, संतुलित आहार, नियमित फॉलो-अप और सकारात्मक सोच से कैंसर उपचार के परिणाम बेहतर और आशानुरूप बनाए जा सकते हैं।

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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