रात में पैर का दर्द / क्या रात में पैर का दर्द संवहनी रोग का चेतावनी संकेत है?

रात में पैर का दर्द / क्या रात में पैर का दर्द संवहनी रोग का चेतावनी संकेत है?

पैर या मांसपेशियों का दर्द बढ़ने पर असहनीय हो जाता है इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एक ही करवट सो जाने के कारण पैर की नस दब जाती है और सोते समय पैर दर्द हो सकता है। जिन लोगों की हड्ड‍ियां कमजोर हो जाती हैं उन्‍हें भी रात को सोते समय पैर में दर्द होता है। अगर पूरे दिन ज्‍यादा चले हैं या शारीरिक श्रम किया है, तो पैर दर्द हो सकते है। पैर दर्द एक आम बात व शिकायत हो सकती है और इसे अक्सर लोग मांसपेशियों की थकान या परिश्रम के परिणामस्वरूप समझ कर टाल देते हैं। हालांकि, आपको लगातार हो रहे पैर दर्द या बिगड़ते पर कि हालत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह किसी गुप्त स्थिति या परिणाम का संकेत हो सकता है, जिसे परिधीय धमनी रोग (पीएडी) के रूप में भी जाना जाता है। पी.ए.डी एक संचलन संबंधी विकार है जो धमनियों को प्रभावित करता है, विशेष रूप से वे जो पैरों में खून पहुंचते हैं।

क्या है परिधीय धमनी रोग (पी.ए.डी)?

परिधीय धमनी रोग (पी.ए.डी), जिसे परिधीय संवहनी रोग भी कहा जाता है, यह तब होता है जब धमनियां वसायुक्त पदार्थ और अन्य जमा यानी कि प्लाक के निर्माण के कारण सिकुड़ जाती हैं। पी.ए.डी का प्राथमिक कारण एथेरोस्क्लेरोसिस है। जब पैर की धमनियां पी.ए.डी से प्रभावित होती हैं, खून का दौरा रुक जाता है जिससे कि ऑक्सीजन और मांसपेशियों में पोषक तत्वों की आपूर्ति की कमी हो जाती है। यही कारण है कि व्यक्तियों को पैर में दर्द, सुन्नता, कमजोरी और चलने में कठिनाई सहित विभिन्न लक्षणों का अनुभव हो सकता है।

कारण

  • धूम्रपान
  • मधुमेह
  • उच्च रक्तचाप
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर
  • मोटापा
  • एक गतिहीन जीवन शैली

लक्षण

  • पैर दर्द पीएडी का एक आम लक्षण है और यह आमतौर पर ऐंठन या दर्द की अनुभूति के रूप में प्रकट होता है। यह दर्द शारीरिक चहल पहल या गतिविधि के कारण भी हो सकता है और यह अक्सर आराम करने से काम हो जाता है। हालाँकि पी.ए.डी के उन्नत चरणों में पैर का दर्द स्थिर हो सकता है यहाँ तक कि आराम करने पर भी। इसे आराम दर्द के रूप में जाना जाता है और यह गंभीर धमनी अपर्याप्तता का संकेत है।
  • मांसपेशियों के दर्द और पीएडी से जुड़े दर्द में अंतर करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मांसपेशियों का दर्द आमतौर पर विशिष्ट मांसपेशियों में होता है जो कि आराम करने से निकल जाता है। इसके विपरीत, पीएडी से संबंधित दर्द को अक्सर एक गहरी, सुस्त दर्द के रूप में वर्णित किया जाता है जो बछड़ों, जांघों या नितंबों को प्रभावित करता है।
  • पैर दर्द के साथ साथ पी.ए.डी में झुनझुनी, सुन्नता, ठंडक या पैरों में भारीपन जैसे अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। यदि आपके पैर का दर्द बना रहता है या बिगड़ जाता है तो इसके उचित निदान के लिए आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

पैर दर्द उपचार

  • जीवन शैली में सुधार या परिवर्तन
  • नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि
  • धूम्रपान बंद करना
  • स्वस्थ आहार
  • पीएडी के लक्षणों को नियंत्रित करने और धमनियों को और नुकसान को रोकने के लिए मधुमेह, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों का उचित प्रबंधन आवश्यक है।
  • दवाएं(डॉक्टर से सलाह लेकर)

दर्द का घरेलू उपचार

  1. गर्म पानी से स्नान करें-
    मांसपेशियों में दर्द होने पर, गर्म पानी से स्नान लें। इससे आपको आराम मिलेगा। इसी तरह गर्म पानी की पट्टी बनाकर दर्द वाले स्‍थान पर रखने से भी आराम मिलता है। गर्म पानी के संपर्क में आने से रक्‍त संचार बढ़ता है और दर्द कम होता है। इसी तरह आंवले के पानी से पैर को धोने से भी आराम मिलता है। आंवले में विटामिन-सी होता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द को कम करने में मदद करता है।
  2. हल्‍दी का प्रयोग करें-
    मांसपेशियों के दर्द को दूर करने के लिए हल्‍दी का इस्‍तेमाल करें। हल्‍दी के पाउडर को गुनगुने पानी के साथ मिलाएं। इस मिश्रण को दर्द वाले स्‍थान पर लगाने से आराम मिलता है। मांसपेशियों में होने वाले दर्द को दूर करने के लिए हल्‍दी के दूध का सेवन भी कर सकते हैं। हल्‍दी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जिससे दर्द को कम करने में मदद मिलती है। इसी तरह हरद और अश्वगंधा के पाउडर को गर्म पानी के साथ मिलाकर पीने से मांसपेशियों के दर्द से आराम मिलता है।
  3. नीलगिरी तेल-
    पैर का दर्द दूर करने के लिए नीलगिरी तेल का इस्‍तेमाल करें। नीलगिरी तेल में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। नीलगिरी तेल को नारियल तेल के साथ मिलाएं। फिर इस मिश्रण से पैर की मालिश करें। नील‍ग‍िरी तेल के अलावा ऑलिव ऑयल, सरसों के तेल का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं।
  4. अदरक का रस-
    पैर का दर्द ठीक करने के लिए अदरक के रस को पैर पर लगाकर मालिश करें। अदरक में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अदरक का रस बनाने के लिए अदरक के छोटे टुकड़ों को पानी में मिलाकर उबाल लें। फिर इस रस को ठंडा करके एक कंटेनर में भर लें। इस रस का इस्‍तेमाल हफ्ते भर तक कर सकते हैं।
  5. नमक की पोटली-
    पैर में होने वाले दर्द को दूर करने के लिए नमक की पोटली बनाकर दर्द वाले स्‍थान पर लगाएं। नमक की पोटली बनाने के लिए नमक को तवे पर रखकर गर्म करें। फिर नमक को साफ कपड़े में बांधकर पैर की सिकाई करें। सुबह-शाम सिकाई करने से जल्‍द आराम मिलता है।

यदि आपको लगातार रात में पैर दर्द या संवहनी रोग के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सही जांच और प्रभावी उपचार के लिए यशोदा हॉस्पिटल में अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श अवश्य लें, जहाँ उन्नत सुविधाओं के साथ आपकी समस्या का सटीक निदान और बेहतर इलाज किया जाता है।

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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