मिनिस्कस टियर के लक्षणों को पहचानें
मिनिस्कस टियर एक गंभीर समस्या है जिसके कारण आपको तेज दर्द और अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। घुटना शरीर के अहम् जोड़ों में से एक है, जो दैनिक जीवन के उन सभी कामों को आसानी से पूरा करने में मदद करता है, जिसमें घुटने की भूमिका शामिल है। चलते, दौड़ते, ऊंचाई से कूदते या दैनिक जीवन की दूसरी गतिविधियों को करते समय घुटने में चोट आ जाती है, मिनिस्कस टियर भी उन्हीं में से एक है। मिनिस्कस टियर को मेनिस्कस टियर के नाम से भी जाना जाता है।
क्या है मिनिस्कस टियर
घुटने की नरम उपास्थि यानी कार्टिलेज में लगी चोट को मेडिकल भाषा में मिनिस्कस टियर कहते हैं। मिनिस्कस घुटने की कार्टिलेज का एक हिस्सा है जो घुटने की जोड़ को स्थिर रखता है। यह हड्डियों को घिसने से बचाने का भी काम करता है। वैसे तो मिनिस्कस टियर किसी को भी हो सकता है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह खिलाड़ियों में देखने को मिलता है। क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल या दूसरे खेल के दौरान अक्सर चोट लगने पर मिनिस्कस टूट या फट जाता है। कई बार चलते या दौड़ते समय अचानक से अपनी दिशा बदलने के कारण भी मिनिस्कस टियर हो सकता है। इतना ही है, उम्र बढ़ने पर घुटने का कार्टिलेज कमजोर हो जाता है जिसके कारण मिनिस्कस टियर का खतरा बढ़ जाता है।
कारण
- मिनिस्कस आमतौर पर अचानक मूवमेंट के कारण होता है। जब घुटने को उसकी क्षमता से अधिक अचानक से मोड़ दिया जाता है तो मिनिस्कट टूट जाता है।
- साथ ही, लंबे समय तक घुटने पर भार देने या खेलकूद के दौरान अचानक से घुटने में चोट लगने के कारण भी मिनिस्कस टियर की समस्या हो सकती है।
- उम्र बढ़ने पर उत्तक कमजोर हो जाता है जिसके कारण मिनिस्कस टियर हो सकता है। उम्र बढ़ने पर कार्टिलेज कमजोर हो जाती है जिसकी वजह से एक साधारण मूवमेंट भी मिनिस्कस टियर का कारण बन सकता है।
- फुटबॉल, बास्केटबॉल और टेनिस जैसे खेलों से भी मिनिस्कस टियर की समस्या हो सकती है। ऐसे खेल जिनमें अचानक मोड़ और रुकने की आवश्यकता होती है, उन खेलों से भी मिनिस्कस टियर होने के सबसे ज्यादा जोखिम रहते है।
लक्षण
मिनिस्कस में चोट लगने या उसके फटने पर कुछ लोगों को घुटने में चटक की आवाज आ सकती है। साथ ही, कुछ लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं जैसे कि:- - घुटने में सूजन होना
- घुटने के आसपास दर्द होना
- घुटने की गतिशीलता में कमी आना
- घुटने पर सहारा लेने में तकलीफ होना
- इन सबके अलावा, सीढ़ी चढ़ने-उतरने, घुटने को मोड़ने या दैनिक जीवन के दूसरे उन सभी कामों को पूरा करने में परेशानी होना जिसमें घुटने का इस्तेमाल शामिल है।
निदान - एक्स-रे की मदद से डॉक्टर मिनिस्कस टियर की पुष्टि कर सकते हैं। एक्स-रे से डॉक्टर इस बात का पता भी लगाते हैं कि घुटने में दर्द का कारण ऑस्टियोअर्थराइटिस तो नहीं है।
- एमआरआई के दौरान डॉक्टर कार्टिलेज और लिगामेंट की तस्वीर लेकर इस बात की पुष्टि करते हैं कि मिनिस्कस में टियर है या नहीं।
- अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टर इस बात का पता लगाते हैं कि घुटने की कार्टिलेज में ढीलेपन तो नहीं है।
- अगर एक्स-रे, एमआरआई या अल्ट्रासाउंड के बाद भी घुटने के दर्द के कारण की पुष्टि नहीं होती है तो डॉक्टर आर्थ्रोस्कोपी का उपयोग करते हैं।
उपचार/इलाज
मिनिस्कस टियर का इलाज कई तरह से किया जाता है। इसके उपचार के माध्यमों में निम्न शामिल हो सकते हैं:- - मेनिस्कस टियर के कारण उत्पन्न दर्द और सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर बर्फ से घुटने की सिकाई करने का सुझाव दे सकते हैं।
- घुटने के दर्द और सूजन को करने के लिए डॉक्टर कुछ खास दर्द निवारक दवाएं भी निर्धारित कर सकते हैं।
- मिनिस्कस टियर के लक्षण को दूर और घुटने के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए डॉक्टर शारीरिक चिकित्सा का भी सुझाव दे सकते हैं। शारीरिक चिकित्सा घुटने के दर्द को कम करने के साथ-साथ घुटने की गतिशीलता एवं स्थिरता को बढ़ाने में मदद भी करता है।
- घुटने के दर्द को दूर करने के लिए डॉक्टर घुटने की मालिश करने का भी सुझाव दे सकते हैं।
- जब ऊपर बताए गए उपायों से कोई फायदा नहीं होता है या मिनिस्कस बुरी तरह से चोट आता है तो डॉक्टर सर्जरी का उपयोग करते हैं। मिनिस्कस टियर का उपचार करने के लिए जिस सर्जरी का उपयोग किया जाता है उसे आर्थ्रोस्कॉपी सर्जरी कहते हैं।
इलाज - शुरुआत में, आपको घुटने की चोट को कुछ तकनीक से ठीक करना चाहिए जैसे रेस्ट (R) आइस (I) कम्प्रेशन(C) एलिवेशन (Rest, ice, compression, and elevation, or the RICE)
- अगर आप चाहते हैं कि आपके घुटनों पर दबाव न पड़े, तो बैसाखी का इस्तेमाल करें। किसी भी ऐसी शारीरिक गतिविधि को न करें जिससे यह स्थिति और बिगड़ सकती है।
- हर तीन से चार घंटों में आधे घंटे के लिए घुटनों पर बर्फ का उपयोग करें।
- सूजन कम करने के लिए घुटनों को कम्प्रेस या बैंडेज से बांध लें।
- सूजन को कम करने के लिए घुटनों को ऊपर की तरफ उठाकर रखें।
इसके अलावा घुटनों के आसपास दर्द और सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर आपको आइबूप्रोफेन, एस्पिरिन या अन्य नॉन स्टेरॉयडल सूजनरोधी दवाइयां भी दे सकते हैं।
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