कैंसर क्यों होता है? कारण, जोखिम कारक और बचाव के प्रभावी उपाय

कैंसर क्यों होता है? कारण, जोखिम कारक और बचाव के प्रभावी उपाय
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कैंसर आज विश्व की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। यह कोई संक्रामक रोग नहीं है, बल्कि शरीर की कोशिकाओं के डीएनए (DNA) में होने वाले परिवर्तन (Mutation) के कारण विकसित होने वाला रोग है। जब कोशिकाओं के बढ़ने, विभाजित होने और समय पर नष्ट होने की प्राकृतिक प्रक्रिया बाधित हो जाती है, तब वे अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले सकती हैं। यह परिवर्तन एक ही कारण से नहीं, बल्कि अनेक जैविक, पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़े कारकों के संयुक्त प्रभाव से होता है। कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू है। धूम्रपान, गुटखा, खैनी, जर्दा, पान मसाला तथा अन्य तंबाकू उत्पादों में अनेक कैंसरकारी रसायन होते हैं, जो मुख, गले, स्वरयंत्र, फेफड़े, भोजन नली तथा मूत्राशय के कैंसर का जोखिम कई गुना बढ़ा देते हैं। इसी प्रकार अत्यधिक शराब का सेवन, विशेषकर तंबाकू के साथ, कैंसर की संभावना को और बढ़ा देता है। असंतुलित भोजन, मोटापा और शारीरि निष्क्रियता भी महत्वपूर्ण जोखिम कारक हैं।

अधिक वसा, प्रसंस्कृत (Processed) खाद्य पदार्थ, अत्यधिक नमक तथा कम फल-सब्जियों वाला आहार शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को प्रभावित करता है और कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। नियमित व्यायाम की कमी और बढ़ता मोटापा विशेष रूप से स्तन, बड़ी आंत और गर्भाशय से जुड़े कुछ कैंसरों के जोखिम को बढ़ाते हैं। कुछ वायरस और संक्रमण भी कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है, जबकि हेपेटाइटिस बी और सी वायरस लंबे समय में यकृत (लीवर) के कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त आनुवंशिक (Genetic) कारणों से भी कुछ लोगों में कैंसर की संभावना सामान्य से अधिक हो सकती है, हालांकि अधिकांश कैंसर केवल वंशानुगत नहीं होते। वायु प्रदूषण, औद्योगिक रसायनों, एस्बेस्टस, कीटनाशकों, अत्यधिक पराबैंगनी (UV) किरणों तथा विकिरण (Radiation) के लंबे समय तक संपर्क में रहना भी कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।

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इसके लिए बचाव ही सबसे प्रभावी उपचार है।

कैंसर से बचाव के तरीके

धूम्रपान और तंबाकू का सेवन छोड़ें-

तंबाकू का सेवन कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। यह फेफड़ों, मुंह, गले, गले के नीचे, पैंक्रियाज, ब्लैडर, किडनी और कई अन्य प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है। धूम्रपान छोड़ना और तंबाकू उत्पादों से बचना कैंसर से बचाव में अत्यधिक सहायक होता है।

स्वस्थ आहार का पालन करें –

फल और सब्जियां:अधिक फल,सब्जियां और फाइबरयुक्त आहार का सेवन करें। इनमें मौजूद विटामिन,खनिज,और एंटीऑक्सीडेंट कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।

संतुलित आहार –

वसा (विशेष रूप से ट्रांस और संतृप्त वसा) का सेवन कम करें, और प्रोसेस्ड फूड्स और रेड मीट की मात्रा सीमित करें। बाजार में मिलने वाली गंदी चीजें जैसे कि प्रोसेस्ड मीट, अल्कोहल, जंक फूड, फास्ट फूड कैंसर का कारण हो सकता है। इसलिए इन फूड से दूर रहें और हर दिन पर्याप्त मात्रा में हरी सब्जी और ताजे फलों का सेवन करें। ज्यादा चीनी का सेवन न करें। वहीं एनिमल प्रोडक्ट का ज्यादा सेवन भी नुकसानदेह है।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें –

नियमित शारीरिक गतिविधि मोटापा कम करने में सहायक होती है,जो कई प्रकार के कैंसर (जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर, कोलोन कैंसर, और एंडोमेट्रियल कैंसर) के जोखिम को कम करती है। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जैसे चलना, दौड़ना, या योग करना कैंसर से बचाव में मदद करता है।

शराब का सेवन सीमित करें –

शराब का अधिक सेवन कई प्रकार के कैंसर,जैसे कि ब्रेस्ट,कोलोन,लीवर,और मुंह के कैंसर का जोखिम बढ़ता है। अगर आप शराब का सेवन करते हैं,तो इसे सीमित मात्रा में करें। महिलाओं के लिए एक दिन में एक ड्रिंक और पुरुषों के लिए दो ड्रिंक्स से अधिक न लें।

सूर्य की रोशनी से बचाव करें –

सूर्य की रोशनी से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट रेज कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकती है, इसलिए खुद को तेज धूप से बचाएं। दिन के 10 बजे से दोपहर के 4 बजे के बीच कड़ी धूप से बचने की कोशिश करें। सूरज की पराबैंगनी (UV) किरणों  से  बचने  के  लिए  धूप  में  समय  बिताने  के  दौरान सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, और सूर्य की किरणों से बचने के लिए छाया में रहें।

दोपहर के समय,जब सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं,तो बाहर निकलने से बचें और धूप में जाने पर कपड़े, टोपी और सनग्लासेज का उपयोग करें। ये तरीके त्वचा कैंसर से बचाव में सहायक होते हैं।

स्वस्थ वजन बनाए रखें –

मोटापा कई प्रकार के कैंसर जैसे ब्रेस्ट,कोलोन,किडनी,और लिवर कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए सही आहार और नियमित व्यायाम करना महत्वपूर्ण है।

पर्यावरणीय खतरों से बचाव करें

प्रदूषण और रसायनों से बचें जो कैंसर का कारण बन सकते हैं,जैसे कि रेडॉन गैस,एस्बेस्टस,और अन्य हानिकारक रसायन। काम के स्थान पर अगर किसी भी तरह के कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाले)पदार्थों का संपर्क होता है,तो सावधानीपूर्वक सुरक्षा उपाय अपनाएं।

मानसिक तनाव और चिंता कम करें – 

मानसिक तनाव और चिंता का सीधा संबंध कैंसर से नहीं होता,लेकिन यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है, जिससे बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। ध्यान,योग,और अन्य तकनीकों का उपयोग करके तनाव कम करें।

अनुवांशिक परामर्श– 

अगर आपके परिवार में कैंसर का इतिहास है,तो अनुवांशिक परामर्श लेना उपयोगी हो सकता है। कुछ प्रकार के कैंसर अनुवांशिक होते हैं और उनकी पहचान समय रहते होने पर प्रभावी रोकथाम के उपाय किए जा सकते हैं।

वैक्सीन लगाएं

कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनकी वजह से कैंसर हो सकता है। इनमें हेपटाइटिस बी, ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV)प्रमुख है। इन दोनों बीमारियों की वैक्सीन बाजार में उपलब्ध है। इसलिए इन बीमारियों की वैक्सीन लगाने से कैंसर का रिस्क कम हो जाता है।

रेगुलर मेडिकल चेक-अप

शरीर में किसी तरह के बदलाव होने पर तुरंत डॉक्टर से संपक करें। खासकर यदि स्किन के रंग में किसी तरह का बदलाव हो या गुदा द्वार, ब्रेस्ट और सर्विक्स में रत्ती भर बदलाव होने पर डॉक्टर के पास तुरंत जाएँ। हर दिन अपने शरीर के अंदरुनी अंगों में बदलाव का निरीक्षण करें।

इन सावधानियों का पालन करके आप कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच सबसे प्रभावी बचाव हैं।

नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन बनाए रखना, पर्याप्त नींद, तनाव का संतुलित प्रबंधन तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। HPV और हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण, सूर्य की तेज़ किरणों से उचित बचाव तथा आयु और जोखिम के अनुसार समय-समय पर कैंसर स्क्रीनिंग (जैसे मैमोग्राफी, पैप स्मीयर, कोलोनोस्कोपी आदि) भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कैंसर अचानक नहीं होता; यह अक्सर वर्षों तक विकसित होने वाली प्रक्रिया का परिणाम होता है। अच्छी बात यह है कि इसके अनेक जोखिम कारकों को बदला जा सकता है। यदि हम स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ, हानिकारक आदतों से बचें और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें, तो अनेक प्रकार के कैंसर से बचाव संभव है। जागरूकता, अनुशासन और समय पर चिकित्सा सलाह ही कैंसर के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार हैं।

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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