मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद करें ऐसे आंखों की देखभाल
मोतियाबिंद एक स्वास्थ्य स्थिति है जो अक्सर बढ़ती उम्र के साथ आ जाती है। सामान्य शब्दों में उम्र के साथ आपके आंखों के लेंस में बदलाव आने को मोतियाबिंद कहते हैं। आंख में प्राकृतिक लेंस होता है, जो आपको हर चीज स्पष्टता से देखने में मदद करता है। समय के साथ उम्र बढ़ने के कारण यह धुंधला होता जाता है। जैसे-जैसे लेंस अधिक से अधिक अपारदर्शी होता जाता है, रोगी की दृष्टि कमजोर होती जाती है।
आँख बहुत ही नाजुक एवं छोटा अंग है। यदि किसी भी कारणवश आंख का पर्दा फट गया तो यह फिर से ठीक नहीं हो पाएगा। नेत्रों के संक्रमण का इलाज संभव है, लेकिन पूर्ण इलाज होना भी संभव नहीं है। कुछ मामलों में आंख की रोशनी खोने का जोखिम भी लगातार बना रहता है। कई बार संक्रमण फैल जाए तो आंख की पुतली भी निकालनी पड़ सकती है। इस संक्रमण को एंडोफ्थेलमिटिस के रूप में भी जाना जाता है।
मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद की सावधानियां
मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आई ड्रॉप एक अहम भूमिका निभाता है। मुख्य रूप से तीन तरह की आई ड्रॉप नेत्र रोग विशेषज्ञ अपने मरीजों को देते हैं। इन आई ड्रॉप्स को इस बात का ध्यान रखते हुए आंखों में डालना चाहिए कि बोतल की नोक किसी चीज को न छुए। बोतलें बिल्कुल नई होनी चाहिए और पुरानी बोतलों का प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए।
- आंख की सामान्य दवाएं: मोतियाबिंद ऑपरेशन एक सामान्य ऑपरेशन ही है जिसमें शरीर में हल्के कट लगते हैं। इसलिए ऑपरेशन के बाद शरीर को पूर्ण रूप से रिकवर होने में समय लगता है। कुछ दवाएं होती हैं जो ऑपरेशन के बाद रिकवरी में एक अहम भूमिका निभाती है।
- एंटीबायोटिक दवाएं – मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद संक्रमण का खतरा लगातार बना रहता है। इससे बचने के लिए विशेषज्ञ एंटीबायोटिक दवाओं का सुझाव दे सकते हैं। दो सप्ताह के लिए एंटीबायोटिक आई ड्रॉप डालने का सुझाव दिया जा सकता है।
- ग्लूकोमा आई ड्रॉप – ग्लूकोमा एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आंखों का दबाव बढ़ जाता है। कई बार मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आंख के अंदर दबाव बढ़ सकता है। इस दबाव के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे – सूजन, आंख में अवशिष्ट विस्कोएलास्टिक। कई बार आंख में प्रयोग होने वाली दवाओं से ग्लूकोमा होने का खतरा भी लगातार बना रहता है।
मोतियाबिंद का ऑपरेशन होने के बाद की देखभाल
आपको हल्का फूलका आंखों में दर्द और खुजली तथा सर में दर्द की समस्या हो सकती है। आपको तेज रौशनी से भी परेशानी हो सकती है। लेकिन आपको इन सब से घबराने की जरूरत नहीं है। ऑपरेशन के बाद ऐसा होना आम बात है। खुजली होने पर आंख को खुजलाने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से आपकी आंख में लगे नए लेंस को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही कुछ दिनों के लिए आपको वो स्पेशल चश्मा पहनना चाहिए, जिसे आपके डॉक्टर ने निर्धारित किया है। यह चश्मा आपके आंखों की सुरक्षा करता है। नींद सोते समय भी चश्मा पहने ताकि आपकी आंखों पर प्रेशर न पड़े।
• आराम न होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें
अगर मोतियाबिंद ऑपरेशन के एक सप्ताह बाद भी आपको मोतियाबिंद के लक्षण महसूस हों और आपकी दृष्टि में किसी तरह का कोई सुधार न हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करें। ऐसी स्थिति में लापरवाही दिखाना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
• नियमित रूप से कर रहें किसी काम को करने से बचें
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आपको काफी परहेज करने की आवश्यकता होती है। ऑपरेशन के तुरंत बाद ड्राइविंग न करें और हमेशा चश्मा लगाकर रखें। इसके अलावा, किसी तरह का कोई भी एक्सरसाइज करने से बचें, रूटीन काम से ब्रेक लें और कुछ दिनों तक आराम करें ताकि आपकी आंख पर कम से कम जोर पड़े और आप जल्द से जल्द ठीक हो सकें। आपको कब एक्सरसाइज और अपने रूटीन काम को शुरू करना चाहिए, इस बारे में अपने डॉक्टर से अवश्य बात करें।
• आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें
आंखों में खुजली, जलन या दूसरी किसी भी तरह की कोई परेशानी होने पर उसे नहीं मलें। ऑपरेशन के बाद आंखों में खुजली होना आम बात है। इससे बचने के लिए डॉक्टर द्वारा बताए गए आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें। मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है की आई ड्रॉप को किस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है।
• नहाते समय आंखों को बंद रखें
नहाते समय अपनी आंखों को बंद रखें ताकि उनमें पानी न जाए। साथ ही, बिना डॉक्टर से सलाह लिए किसी भी तरह का आई मेकअप न करें। ऐसा करने से आपकी आंखों में जलन और दूसरी परेशानियां हो सकती हैं जो आपकी दृष्टि की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सावधानी बरतना उतना ही आवश्यक है जितना की खुद मोतियाबिंद का ऑपरेशन जरूरी है।
• खेलने कूदने से दूर रहें
ऑपरेशन के बाद कुछ दिनों तक उन सभी खेल कूद से दूर रहें जिसमें दौड़ना, भागना और चिल्लाना शामिल है। ऐसा करने से आपकी आंखों पर जोर पड़ता है जिसका आपकी दृष्टि पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद क्या परहेज करना चाहिए में बहुत देर तक टीवी नहीं देखना भी शामिल है। ऑपरेशन के बाद आपको लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे आपकी आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
• खान-पान का विशेष ध्यान रखें
अगर आप यह सोच रहे हैं कि आंख के ऑपरेशन के बाद क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए तो हम आपको बता दें इस सर्जरी के बाद आपको अपनी डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए। आमतौर पर मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर खान-पान पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाते हैं। लेकिन फिर भी अपने खान-पान को लेकर उनसे एक बार अवश्य बात करें। कुछ मामलों में किसी खास तरह के पदार्थ का सेवन करने से मना भी किया जा सकता है।
• हॉट वॉटर बाथ या स्विमिंग से बचें
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कम से कम दो सप्ताह तक हॉट वॉटर बाथ या स्विमिंग से बचें। ऐसा करने से आंखों में इंफेक्शन होने का ख़तरा बढ़ जाता है। इंफेक्शन की वजह से आपकी समस्याएं और अधिक बढ़ सकती हैं। इसलिए इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
• सिगरेट का सेवन न करें
सबसे खास, अगर आप सिगरेट का सेवन करते हैं तो तुरंत उसका सेवन बंद कर दें। मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद अपनी आंखों को सिगरेट की धुवां और तेज हवा से अधिक से अधिक बचाने की कोशिश करें। ये आपकी आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सुरक्षित और सही देखभाल के लिए यशोदा हॉस्पिटल में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों से परामर्श लें, जहाँ आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की मदद से आपकी आंखों का बेहतरीन उपचार किया जाता है।
