क्या BMI स्वास्थ्य जाँच का उचित तरीका है?

क्या BMI स्वास्थ्य जाँच का उचित तरीका है?

आजकल हर 10 में से 8 व्‍यक्‍त‍ि मोटापे का शिकार हो रहा है। शरीर में अधिक चर्बी है और हाई बीपी, हाई कोलेस्‍ट्राल और हाई ब्‍लड शुगर लेवल जैसी समस्‍याएं हैं, तो मोटापे का खतरा अधिक हो सकता है। आपको यह भी बता दें कि जिन लोगों की मसल्‍स ज्‍यादा होती हैं, उन्‍हें अक्‍सर मोटा समझा जाता है। जबकि ऐसा नहीं है। इसके लिए मोटापे की जांच करने के लिए बीएमआई का इस्‍तेमाल किया जाता है। लेकिन बीएमआई किसी व्‍यक्‍त‍ि के स्‍वास्‍थ्‍य की पूरी तस्‍वीर पेश नहीं करता। ऊंचाई और वजन के आधार पर कई ऑनलाइन बीएमआई कैलकुलेटर्स मौजूद हैं जो यह बता देते हैं कि आपका वजन कम है, ज्‍यादा है, सामान्‍य है या आप मोटापे का शिकार हैं। किसी भी व्‍यक्‍त‍ि के स्‍वास्‍थ्‍य को समझने के लिए उसका रक्‍तचाप, कोलेस्‍ट्रॉल रेट, ग्‍लूकोज रेट के साथ बीएमआई पता होना चाहिए।
व्यस्कों में मोटापे की जांच करने के लिए सबसे पसंदीदा तरीका बीएमआई निकालना है। असलियत में बीएमआई शरीर की चर्बी को नहीं मापता है, यह किसी व्यक्ति की ऊंचाई के आधार पर एक स्वस्थ शरीर के वज़न का आकलन करता है बीएमआई व्यक्ति के हाइट के अनुसार उसके वजन का संतुलित तुलना करके बताता है।

बीएमआई(BMI) जांच ऐसे करें

  • बीएमआई अर्थात बॉडी मास इंडेक्स मोटापे की जांच करने का अंतरराष्ट्रीय मानक है। अपना बीएमआई मांपने के लिए अपने वजन को अपनी लंबाई (इंच में) से भाग करें। बीएमआई के आधार पर आप यह जांच सकते हैं कि आपका वजन सामान्य है या उससे अधिक। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मानकों के अनुसार सामान्य बीएमआई 23 से कम है, ओवरवेट 23 से ज्यादा है और 25 से ज्यादा बीएमआई वालों को मोटापे की श्रेणी में रखा गया है।
  • इसे कैलकुलेट करने के लिए वजन को किलोग्राम में और अपनी हाइट को मीटर के स्‍क्‍कायर से डिवाइड करना होगा। इस फॉर्मूले की मदद से यह पता लगाया जाता है कि आप मोटे हैं या नहीं। अगर आपका बीएमआई 5से 24.9 रहा, तो समझ जाएं कि आपका वजन आइडियल है। अगर बीएमआई 25.0 से ज्‍यादा आया, तो समझ जाएं कि आप ओवरवेट हैं। 18.4 या इससे कम बीएमआई इस ओर संकेत करता है कि आप अंडरवेट हैं।
  • वेट हिप रेशियोकमर और हिप्स की परिधि का अनुपात है। इसकी गणना प्राकृतिक कमर की अधिक छोटी परिधि को मापकर की जाती है, अक्सर नाभि के बिल्कुल ऊपर और इसे नितंब या हिप (कूल्हे) की सबसे बड़े भाग पर स्थित परिधि द्वारा विभाजित किया जाता है। वेस्ट हिप रेशिओ को बुजुर्ग लोगों में वेस्ट सर्कम्फरन्स (कमर की परिधि) या बी-एम-आई की अपेक्षा मृत्यु दर का अधिक कुशल भविष्य वक्ता बताया गया है।

बीएमआई जांच करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

  • मांसपेशियों और वसा के बीच अंतर नहीं कर पाता। मांसपेशी भारी होती है, इसलिए बहुत सारे मांसपेशियों वाले व्यक्ति का बीएमआई अधिक हो सकता है, भले ही वे स्वस्थ और फिट हों।
  • यह नहीं बताता कि वसा शरीर में कहां जमा हो रही है। पेट के आसपास जमा वसा (आंतरिक वसा) स्वास्थ्य के लिए अधिक हानिकारक होती है, जिसे बीएमआई से नहीं मापा जा सकता।
  • बीएमआई बच्चों, बुजुर्गों, और महिलाओं के लिए उतना सटीक नहीं हो सकता क्योंकि अलग-अलग जीवन चरणों में शरीर का वसा और मांसपेशियों का अनुपात भिन्न हो सकता है।
  • केवल बीएमआई से स्वास्थ्य का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता है। हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल स्तर आदि जैसे कई अन्य कारक भी महत्वपूर्ण होते हैं।
  • ओवरवेट होने या मोटापे का शिकार होने पर पहले मोटापे पर नियंत्रण करें। यदि आपका बीएमआई ठीक है तो पोषक आहार और व्यायाम की मदद से आप बाद में अपना वजन बढ़ा सकते हैं।
  • यदि आपका बीएमआई आपको हेल्दी वेट वाला दर्शाता है तो कमर की माप लेना और भी जरूरी हो जाता है। अगर आपकी कमर 80 सें.मी. से अधिक है तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त होने की आशंका ज्यादा होती है।

इसलिए, बीएमआई को एक प्राथमिक संकेतक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन स्वास्थ्य की पूरी जाँच के लिए इसे अन्य स्वास्थ्य मापदंडों और चिकित्सीय सलाह के साथ मिलाकर देखना चाहिए।

सही और संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के लिए केवल BMI पर निर्भर न रहें, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। बेहतर निदान और प्रभावी उपचार के लिए यशोदा हॉस्पिटल अवश्य आएं, जहाँ आधुनिक सुविधाओं के साथ अनुभवी चिकित्सकों द्वारा आपकी सेहत का सम्पूर्ण मूल्यांकन किया जाता है।

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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