किन लोगों को रोबोटिक सर्जरी नहीं करानी चाहिए

किन लोगों को रोबोटिक सर्जरी नहीं करानी चाहिए

रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक चिकित्सा में एक क्रांतिकारी तकनीक है जो परंपरागत सर्जरी के मुकाबले कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से ठीक होने का अवसर प्रदान करती है। हालांकि, यह तकनीक हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होती। विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों, शारीरिक संरचना और अन्य व्यक्तिगत कारकों के कारण कुछ लोगों को रोबोटिक सर्जरी नहीं करानी चाहिए। कुछ विशेष स्थितियाँ और स्वास्थ्य समस्याएँ हैं, जिनमें रोबोटिक सर्जरी की सलाह नहीं दी जाती है।

•    यदि किसी मरीज को गंभीर हृदय रोग (जैसे दिल का दौरा, दिल की नलियों में रुकावट, आदि) या श्वसन संबंधित समस्याएं (जैसे अस्थमा, COPD, आदि) हैं, तो रोबोटिक सर्जरी के दौरान सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान शरीर को अतिरिक्त तनाव का सामना करना पड़ सकता है। रोबोटिक सर्जरी में सामान्यत: रोगी को जनरल एनेस्थीसिया की आवश्यकता होती है, जो इन स्थितियों में जोखिम बढ़ा सकता है। इसके अलावा, सर्जरी के दौरान लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना भी हृदय और श्वसन तंत्र पर दबाव डाल सकता है।

•    अत्यधिक मोटे लोगों में रोबोटिक सर्जरी का जोखिम बढ़ जाता है। उनकी शारीरिक संरचना के कारण सर्जरी के दौरान उपकरणों को सही ढंग से संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रोबोटिक सर्जरी के लिए रोगी का शारीरिक ढांचा भी एक महत्वपूर्ण कारक होता है। यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक मोटा (obese) है या बहुत अधिक अतिरिक्त वजन वाला है, तो सर्जरी के लिए आवश्यक स्थान और उपकरणों को सही से मैन्युवर करने में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा, अत्यधिक मोटापे से जुड़े कई जटिलताएँ भी सर्जरी के दौरान उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे कि रक्तसंचार संबंधी समस्याएं और एनेस्थीसिया में कठिनाई। ऐसे मामलों में पारंपरिक सर्जरी अधिक प्रभावी हो सकती है।

•    अगर किसी मरीज को किसी प्रकार का गंभीर संक्रमण है या उसके शरीर में घाव हैं, तो रोबोटिक सर्जरी करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। सर्जरी के दौरान इन संक्रमणों के फैलने का खतरा अधिक होता है, और इसके परिणामस्वरूप संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है। इसके अलावा, सर्जरी के बाद घाव ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। ऐसे मरीजों को पहले संक्रमण का इलाज करवाना और घाव को ठीक करना ज़रूरी है, उसके बाद ही सर्जरी के बारे में विचार किया जा सकता है।

•    कुछ मामलों में, पारंपरिक सर्जरी रोबोटिक सर्जरी से अधिक प्रभावी हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई मरीज अत्यधिक जटिल सर्जरी की स्थिति में है, जिसमें बहुत अधिक हाथों की दक्षता या पारंपरिक सर्जिकल विधियों की आवश्यकता हो, तो रोबोटिक सर्जरी की बजाय पारंपरिक सर्जरी अधिक उपयुक्त हो सकती है। विशेष रूप से यदि मरीज का शारीरिक ढांचा या स्थिति इस प्रकार है कि रोबोटिक उपकरण सही से काम नहीं कर सकते, तो पारंपरिक सर्जरी से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

•    बालकों और वृद्ध व्यक्तियों को रोबोटिक सर्जरी से बचने की सलाह दी जा सकती है, खासकर यदि वे गंभीर चिकित्सा समस्याओं से जूझ रहे हैं। बच्चों में शारीरिक विकास और अंगों की संरचना वयस्कों से अलग होती है, जो कभी-कभी रोबोटिक सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं होती। वृद्ध व्यक्तियों में, विशेष रूप से अगर उन्हें अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, या गठिया, तो सर्जरी के दौरान अतिरिक्त तनाव और जोखिम बढ़ सकते हैं। इस प्रकार के मामलों में पारंपरिक सर्जरी अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकती है।

•    अगर कोई व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है, जैसे गंभीर डिप्रेशन, एंग्जायटी, या अन्य मानसिक विकार, तो उसे रोबोटिक सर्जरी से पहले पूरी तरह से मानसिक और शारीरिक रूप से स्थिर होना चाहिए। मानसिक तनाव और चिंता सर्जरी के परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, सर्जरी के बाद रोगी की मानसिक स्थिति को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे ठीक होने की प्रक्रिया में विघ्न पड़ सकता है।

•    कुछ स्थितियों में, जैसे कि शरीर के कुछ हिस्सों में अत्यधिक जटिल या संकुचित स्थान (जैसे गहरे अंग, गर्दन, आदि), जहां रोबोटिक उपकरण सही से कार्य नहीं कर सकते, पारंपरिक सर्जरी अधिक प्रभावी हो सकती है। यदि शरीर के किसी हिस्से में स्थान की कमी है या अंगों की स्थिति जटिल है, तो रोबोटिक उपकरण सर्जिकल कार्य को सही से करने में असमर्थ हो सकते हैं।

•    कुछ मरीजों में रक्तसंचार संबंधित समस्याएं होती हैं, जैसे रक्त के थक्के जमने की प्रवृत्ति या कमजोर रक्त वाहिकाएं। ऐसे मामलों में, सर्जरी के दौरान रक्तसंचार संबंधी जटिलताएँ हो सकती हैं, और रोबोटिक सर्जरी के लिए अतिरिक्त जोखिम हो सकता है। पारंपरिक सर्जरी में रक्तसंचार पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है, जो ऐसे मामलों में बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

•    गर्भवती महिलाओं के लिए रोबोटिक सर्जरी सुरक्षित नहीं मानी जाती, खासकर गर्भावस्था के दूसरे और तीसरे तिमाही में।

•    कैंसर के एडवांस्ड स्टेज वाले मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी उपयुक्त नहीं होती।

•    जिन लोगों को पुरानी फेफड़ों की बीमारियां हैं, उनके लिए रोबोटिक सर्जरी जटिलताओं का कारण बन सकती है।

•    जो लोग पहले से ही कमजोर इम्यून सिस्टम (जैसे HIV, कैंसर की कीमोथेरेपी या ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद) से पीड़ित हैं, उनके लिए रोबोटिक सर्जरी जोखिमभरी हो सकती है।

•    कुछ विशेष प्रकार की शारीरिक संरचनाएं या स्थितियां, जैसे कि अत्यधिक जटिल आंतरिक अंगों का स्थान, रोबोटिक सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं होतीं।

•    गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे कि सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर, या गंभीर अवसाद से ग्रस्त लोग रोबोटिक सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते।

रोबोटिक सर्जरी ने चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति ला दी है, लेकिन यह हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती। मरीज की शारीरिक स्थिति, मानसिक स्वास्थ्य, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर यह निर्णय लिया जाना चाहिए कि रोबोटिक सर्जरी का उपयोग किया जाए या नहीं। डॉक्टरों को मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद ही इस प्रक्रिया की सिफारिश करनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की स्थिति उपयुक्त नहीं है, तो पारंपरिक सर्जरी या अन्य वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जा सकता है। सही निर्णय के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना अनिवार्य है।

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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