घी तेल खाकर भी कैसे रखें वज़न को नियंत्रित
आजकल हर कोई बढ़ते हुये वजन को लेकर परेशान है। इसका मुख्य कारण असंतुलित आहार का सेवन करना है। अधिकांश लोग घी और तेल को अंसंतुलित आहार समझते है। लेकिन घी और तेल हमारे स्वास्थ्य के लिए जरूरी फैट में से एक है। इसके सेवन से आपके शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। भले ही मोटापा और वजन कम करने के फेर में लोगों ने घी से दूरी बना ली हो, लेकिन अब यह मिथ भी टूट रहा है कि घी मोटापा देता है और सेहत के बुरा है। असल में घी गुणों से भरा है। सदियों के मौसम में तो भारत में घी को जमकर इस्तेमाल किया जाता है। असल में घी खाना पचाने, गठिया, घाव को भरने, एलर्जी को दूर करने, हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है। अगर आप दिन में दो से तीन चम्मच घी खाते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा है। आपको इनका फायदा तभी तक मिल पाता है, जब तक सीमित मात्रा में इनका सेवन किया जाए। अत्याधिक मात्रा में घी-तेल का सेवन आपको नुकसान पहुंचा सकता है। इन दोनों का संतुलित मात्रा में सेवन ही स्वस्थ रख सकता है।
वजन नियंत्रण की बात करें तो अक्सर लोग घी और तेल को अपने आहार से पूरी तरह से हटा देते हैं। लेकिन सही मात्रा और समझदारी से इनका उपयोग न केवल वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है, बल्कि यह आपके शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करता है। घी और तेल, अगर सही तरीके से उपयोग किए जाएं, तो यह न केवल स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं। आइए जानें कि कैसे इनका सेवन करके आप अपना वजन संतुलित रख सकते हैं।
उपाय
• घी पोषक तत्वों से भरपूर है और इसमें कैलोरी की भी भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसलिए एक्स्ट्रा कैलोरी सेवन को रोकने के लिए डाइट में घी की मात्रा का ध्यान रखें। एक चम्मच से शुरू करें और धीरे-धीरे अपनी कैलोरी की जरूरतों के मुताबिक इस्तेमाल करें।
• मक्खन, मार्जरीन या वनस्पति तेल जैसे अनहेल्दी फैट को घी से रिप्लेस करें। घी में हेल्दी सैचुरेटेड फैट होता है, जिसके हाई टेम्परेचर पर ऑक्सीडाइज होने की संभावना कम होती है, जिससे यह खाना पकाने और भूनने के लिए एक बेहदतरीन विकल्प बन जाता है।
• घी अपने मीडियम-चेन फैटी एसिड के कारण शरीर को लगातार एनर्जी देता है। वर्कआउट से पहले थोड़ी मात्रा में घी का सेवन करने से परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
• घी अपने स्वास्थ्य लाभों के लिए मशहूर है। हालांकि, अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से अनावश्यक कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है। इसलिए वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए संतुलित में मात्रा में घी लेना जरूरी है।
• घी को शामिल करने के साथ ही एक्टिव रहना बेहद जरूरी है। वजन घटाने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनाएं।
• सही प्रकार के घी और तेल का चुनाव करें।
• घी और तेल के प्रकार का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। देसी गाय का घी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ए, डी, ई, और के जैसे पोषक तत्व होते हैं। वही सरसों का तेल, जैतून का तेल (ऑलिव ऑयल), नारियल का तेल या एवोकाडो ऑयल को प्राथमिकता दें। रिफाइंड तेलों से बचें क्योंकि इनमें पोषण तत्व कम होते हैं।
• मात्रा पर ध्यान दें। घी और तेल का सेवन सीमित मात्रा में करें। रोज़ाना 2-3 चम्मच से अधिक न लें। वही ज़्यादा तेल-घी खाना आपके कैलोरी इंटेक को बढ़ा सकता है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना होती है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इनका उपयोग करें ताकि आपकी कैलोरी बैलेंस में रहे।
• तेल और घी का सही तरीके से उपयोग करने से आप इसकी कैलोरी को नियंत्रित कर सकते हैं। डीप फ्राई करने से बचें। इसके बजाय खाना पकाने के लिए भूनने (सॉटे) या तवे पर पकाने की विधि अपनाएं। कम आँच पर खाना पकाएं ताकि पोषक तत्व नष्ट न हों।
घी और तेल, अगर सही मात्रा और तरीके से उपयोग किए जाएं, तो यह आपके स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि इसे बेहतर बनाते हैं। वजन को नियंत्रित रखने के लिए संयम और सही जीवनशैली आवश्यक है। घी और तेल को अपने आहार में शामिल करें, लेकिन संयमित मात्रा में। ध्यान रखें कि स्वस्थ वजन के लिए आपकी समग्र जीवनशैली और खाने की आदतें सबसे अधिक मायने रखती हैं।
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