रोबोट द्वारा हर्निया की सर्जरी के लाभ

रोबोट द्वारा हर्निया की सर्जरी के लाभ

हर्निया एक सामान्य स्थिति है जिसमें आंत का हिस्सा शरीर की सामान्य स्थान से बाहर निकल आता है, जिससे दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हर्निया की सर्जरी पारंपरिक रूप से खुले तरीके से या लैप्रोस्कोपिक तकनीक से की जाती रही है, लेकिन आजकल रोबोटिक सर्जरी इस क्षेत्र में एक अत्यधिक उन्नत विकल्प बन चुकी है। रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से हर्निया की सर्जरी के कई लाभ हैं, जो पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले बेहतर परिणाम दे सकते हैं। रोबोटिक सर्जरी हर्निया की सर्जरी के लिए एक अत्याधुनिक और लाभकारी विकल्प है। यह न केवल सर्जरी की प्रक्रिया को अधिक सटीक, सुरक्षित, और कम दर्दनाक बनाता है, बल्कि मरीज के लिए तेजी से रिकवरी, कम अस्पताल में रहने का समय, और कम दवाइयों की आवश्यकता भी सुनिश्चित करता है। रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से, हर्निया की सर्जरी में पहले से बेहतर परिणाम मिलते हैं, जो मरीज के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं। इसके फायदे पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले अधिक प्रभावी और कम जोखिम वाले होते हैं, जिससे यह एक अत्यधिक वांछनीय विकल्प बन गया है।

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  1. रोबोटिक सर्जरी में, सर्जन के पास अत्यधिक सटीकता से काम करने की क्षमता होती है। रोबोटिक सिस्टम में तीन-आयामी (3D) कैमरा और माइक्रोस्कोपिक उपकरण होते हैं, जो ऑपरेशन क्षेत्र को बहुत स्पष्ट रूप से दिखाते हैं। इससे सर्जन को हर्निया के स्थान और आसपास के ऊतकों की बेहतर दृश्यता मिलती है, जिससे सर्जरी की प्रक्रिया में अधिक सटीकता आती है। पारंपरिक सर्जरी में ये दृश्यता और नियंत्रण कम होता है, और सर्जन को अधिक अनुभव और कौशल की आवश्यकता होती है। रोबोटिक सर्जरी इस प्रक्रिया को आसान और अधिक सुरक्षित बनाती है।
  2. रोबोटिक सर्जरी में बहुत छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिससे कम घाव और कम दर्द होता है। पारंपरिक खुले ऑपरेशन के मुकाबले, जिसमें बड़े चीरे किए जाते हैं, रोबोटिक सर्जरी में केवल छोटे और संक्षिप्त चीरे लगाए जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, मरीज को ऑपरेशन के बाद कम दर्द महसूस होता है, और रिकवरी की प्रक्रिया भी तेज होती है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जिन्हें अधिक दर्द और बड़े घावों से परेशानी होती है।
  3. चूंकि रोबोटिक सर्जरी में छोटे चीरे और कम ऊतक को नुकसान पहुँचता है, इसलिए मरीज की रिकवरी प्रक्रिया भी तेज होती है। पारंपरिक सर्जरी में घाव और चोटें अधिक होती हैं, जिससे मरीज को अधिक समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है और अधिक दर्द का सामना करना पड़ता है। रोबोटिक सर्जरी के बाद मरीज जल्दी से सामान्य गतिविधियों में लौट सकते हैं, और उन्हें कम समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है। इससे न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी मरीज को लाभ होता है।
  4. रोबोटिक सर्जरी में छोटे चीरे होते हैं, और कम रक्तस्राव के कारण संक्रमण का खतरा कम होता है। छोटे घावों का मतलब यह है कि हवा और बैक्टीरिया के संपर्क में आने का अवसर कम होता है, जिससे संक्रमण का जोखिम घटता है। इसके अलावा, रोबोटिक सर्जरी के दौरान उपकरणों और तकनीकी नियंत्रण के कारण सर्जन को अधिक सुरक्षा मिलती है, जिससे मरीज का स्वास्थ्य अधिक सुरक्षित रहता है। पारंपरिक सर्जरी में बड़े चीरे होते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
  5. रोबोटिक सर्जरी सर्जन के लिए अधिक आरामदायक होती है, क्योंकि रोबोटिक उपकरणों के साथ उन्हें हर दिशा में अधिक नियंत्रण प्राप्त होता है। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है जब सर्जन को सटीक और जटिल तरीके से काम करना होता है, जैसा कि हर्निया की सर्जरी में होता है। रोबोटिक सिस्टम सर्जन को एक आरामदायक स्थिति में रखने में मदद करता है, जिससे ऑपरेशन के दौरान उनका मानसिक तनाव कम होता है और वे अधिक सटीकता से काम कर पाते हैं।
  6. रोबोटिक सर्जरी में सर्जन को एक उच्च गुणवत्ता वाले 3D कैमरे और अत्यधिक संवेदनशील उपकरणों के साथ ऑपरेशन क्षेत्र की पूरी दृश्यता मिलती है। इससे उन्हें हर्निया के गहरे हिस्सों में भी पहुंचने में मदद मिलती है। हर्निया की सर्जरी के दौरान, यह अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है कि सर्जन को आसपास के अंगों और रक्त वाहिकाओं की ठीक से पहचान हो, ताकि सर्जरी सुरक्षित रूप से की जा सके। रोबोटिक सर्जरी इस दृश्यता को बेहतर बनाती है, जिससे जटिलताओं की संभावना कम होती है।
  7. रोबोटिक सर्जरी के बाद, मरीज को कम समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है। कम दर्द, छोटे घाव, और तेजी से रिकवरी के कारण मरीज को अगले दिन ही अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। पारंपरिक सर्जरी में, मरीज को अधिक समय तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है। इससे न केवल मरीज का शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि अस्पताल के खर्चों में भी कमी आती है। मरीज जल्दी ही अपने घर वापस जा सकते हैं और सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं।
  8. चूंकि रोबोटिक सर्जरी में कम दर्द और कम रक्तस्राव होता है, इसलिए मरीज को कम दर्द निवारक दवाइयों की आवश्यकता होती है। इससे दवाइयों के सेवन से जुड़ी जटिलताओं और दुष्प्रभावों का खतरा भी कम होता है। पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले, मरीज को ज्यादा दर्द होता है, और इसलिए उन्हें अधिक दवाइयां लेनी पड़ती हैं। यह न केवल मरीज के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि स्वास्थ्य लागत को भी कम करता है।
  9. रोबोटिक सर्जरी के दौरान, चूंकि सर्जन को अधिक सटीकता और दृश्यता प्राप्त होती है, इसलिए हर्निया के पुनः होने की संभावना कम होती है। सर्जन द्वारा हर्निया के अवशेष को हटाने में ज्यादा सटीकता रहती है, और घाव भी जल्दी ठीक होते हैं। पारंपरिक सर्जरी में, कभी-कभी सर्जरी के बाद हर्निया का पुनः होना देखा जा सकता है, लेकिन रोबोटिक सर्जरी में यह समस्या कम होती है।
    न करें लापरवाही
    हर्निया के उपचार में लापरवाही जानलेवा हो सकती है। कई बार आंत या वसायुक्त चर्बी का टुकड़ा हर्निया प्रभावित जगह पर फंस जाता है, जिससे ऊतक में खून की आपूर्ति अवरुद्ध हो जाती है। खून की आपूर्ति के अभाव में ऊतक मरने लगते हैं जो मरीज की मौत का कारण बन सकता है। हर्निया का आकार बढ़ने पर यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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