खाद्य पदार्थ और प्राकृतिक सुझाव से हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ाएं
हीमोग्लोबिन की मात्रा हमारे शरीर में संतुलित होनी चाहिए। हीमोग्लोबिन की कमी के कारण एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। इस बीमारी का ब्लड रिपोर्ट के जरिए ही पता चलता है। वास्तव में हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने वाला एक मेटल प्रोटीन होता है, जो शरीर के तमाम हिस्सों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है। इसके अलावा, शरीर सही तरह से काम करें, इसमें भी इसकी अहम भूमिका होती है। शरीर में मौजूद आयरन का लगभग 70 फीसदी हीमोग्लोबिन में पाया जाता है, जो कि मेटाबॉलिज्म को सही रखता है, इम्यूनिटी बूस्ट करता है और सांस संबंधी समस्याओं को भी दूर रखता है। इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के लिए कितना अहम है। आप डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ा सकते हैं।
हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण –
- थकान
- कमजोरी
- सांस लेने में तकलीफ
- त्वचा का पीलापन
- हृदय गति का अनियमित होना
- चक्कर आना
- हल्का सिरदर्द होना
- सीने में दर्द होना
- हाथ-पांव में ठंड महसूस होना
आयुर्वेदिक उपाय से बढ़ाएँ हीमोग्लोबिन का स्तर
- हीमोग्लोबिन की पूर्ति के लिए चुकंदर बेहतरीन खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है। यह आयरन से भरपूर होता है। इसमें, पोटैशियम, फोलिक एसिड और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। आप इसकी सब्जी बनाकर खा सकते हैं या फिर इसका जूस भी पी सकते हैं। इसके अलावा, इसे इडली, चीला और सैंडविच में शामिल करके भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
- शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने के लिए आप अंजीर को भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, ‘अगर आप रोजाना अंजीर का सेवन करते हैं, तो इससे हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ने में मदद मिलती है। यहां तक कि गर्भवती महिलाओं को भी अपनी डाइट में अंजीर शामिल करनी चाहिए, क्योंकि इसमें कई अन्य तरह के पोषक तत्व, जैसे विटामिन-सी, आयरन, विटामिन-ए, मैग्नीशियम और फोलेट होते हैं। आपको बताते चलें, विटामिन-सी इम्यून सिस्टम को बेहतर रखता है। यह हड्डियों को मजबूत करने और गर्भ में पल रहे शिशु के विकास अहम योगदान निभा सकता है।
- काली किशमिश आयरन, पोटैशिमय और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। आयुर्वेद में इसे एनीमिया से छुटकारा पाने के लिए बेहतरीन सोर्स माना जाता है। यही नहीं, सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए भी यह बहुत उपयोगी है। इसका सेवन करने के लिए बेहतर है कि आप 7 से 8 काली किशमिश को पानी में रातभर के लिए भिगोकर रखें। अगली सुबह इसका सेवन करें।
- खजूर में कैंसर रोधी गुण होते हैं, जो इस बीमारी के रिस्क को कम करते हैं। इसमें प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। खजूर एरिथ्रोसाइट उत्पादन को बढ़ाकर हीमोग्लोबिन (एचजीबी) के स्तर में सुधार कर सकता है। हर व्यक्ति को रोजाना एक से दो खजूर का सेवन करना चाहिए। विशेषकर, उन महिलाओं के लिए यह लाभकारी है, जो प्री-मेनोपॉज के दौर से गुजर रही हैं।
- अगर किसी व्यक्ति को एनीमिया है, तो उन्हें उबले और भुने हुए काले चने आवश्यक तौर पर अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। यह हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे शरीर में तमाम हिस्सों में ब्लड सप्लाई को बेहतर तरीके से हो पाती है।
- तिल के बीज आयरन, कॉपर, जिंक, सेलेनियम और विटामिन बी 6, फोलेट और विटामिन-ई से भरपूर होते हैं। हर किसी को इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। नियमित रूप से इसका सेवन करने पर हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार होता है और आयरन की कमी की आपूर्ति में मदद मिल सकती है।
- हीमोग्लोबिन के अन्य बेहतरीन स्रोतों में आंवला, च्यवनप्राश, अनार, कमल के बीज, मखाने, नारियल जैसी चीजों को भी अपनी डाइट में शामिल कर हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ा सकते हैं।
अन्य तरीके - हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने के लिए आयरन रिच फूड्स को डाइट में शामिल करना चाहिए. इसके लिए आप ऑर्गन मीट, फूलगोभी, केले, पालक, बींस, बंद गोभी, मसूर की दाल, टोफू, बेक्ड आलू खाएं।
- फॉलेट विटामिन बी होता है जिससे हीमोग्लोबिन बनता है। ऐसे में आप फॉलेट के लिए पालक, हरी मटर, एवोकाडो, मसूर की दाल, राइस, राजमा आदि का सेवन करना चाहिए।
- शरीर में आयरन का अवशोषण तभी होगा जब शरीर में विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में हो. यह पोषक तत्व आयरन को ऑब्जर्व करने में अहम भूमिका निभाता है। विटामिन सी के लिए साइट्रस फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, नींबू, संतरा, डार्क लीफी हरी सब्जियां खाएं।
- विटामिन ए भी आयरन के ऑब्जर्वेशन को बढ़ाता है। इसके लिए आप गाजर, विंटर स्क्वैश, शकरकंद, आम को खाना शुरू कर दीजिए। इससे पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए होता है। आप खून की कमी पूरी करने के लिए आयरन सप्लीमेंट भी ले सकते हैं। लेकिन यह डॉक्टर की सलाह पर कीजिए, क्योंकि कुछ सेहत संबंधी मामलों में विपरीत असर पड़ सकता है सेहत पर।
हीमोग्लोबिन की कमी या एनीमिया जैसी समस्याओं के सही निदान और प्रभावी उपचार के लिए यशोदा हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें, जहाँ आधुनिक जांच सुविधाओं और अनुभवी चिकित्सकों द्वारा आपको बेहतर स्वास्थ्य समाधान प्रदान किया जाता है।
