कूल्हों में दर्द : जानें इलाज और आसान घरेलु उपाय
शरीर में जब दर्द होने लगे, तो समझ लीजिए बुढ़ापे का आगमन हो गया है। ऐसा कहना अब एकदम गलत होगा क्योंकि अब कूल्हों का दर्द बुजुर्गों में ही नहीं बल्कि युवाओं में भी समान्य हो गया है। कूल्हों में दर्द किसी भी कारण से हो सकता है। कई बार ज्यादा देर बैठे रहने के कारण में दर्द हो सकता है। ज्यादा वजन के कारण भी बैठने पर हिप्स पेन होता है। एक ही पोजिशन में खड़े रहने के कारण भी कूल्हों में दर्द की समस्या होती है।
कूल्हे और नितंबों में दर्द होना एक सामान्य समस्या है। यह परेशानी कई लोगों को अपना शिकार बना रही है। क्रॉनिक हिप पेन व्यक्ति को शारीरिक तथा मानसिक दोनों रूप से प्रभावित कर सकता है। कूल्हे का दर्द कमर, पैर और बटॉक्स से जुड़ी परेशानियों का कारण बनता है और यह आपकी नियमित एक्सरसाइज रूटिंग से लेकर नियमित दिनचर्या के कामकाज को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। वहीं यह व्यक्ति के प्रोडक्टिविटी को भी प्रभावित कर सकता है। इतना ही नही क्रॉनिक पेन की स्थिति में व्यक्ति के लिए नियमित रूप से वॉक करना, सीढ़ियां चढ़ना और उतरना या फिर कार में बैठना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कूल्हे के दर्द पर समय रहते ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। उपचार से पहले क्रॉनिक हिप पेन के कारणों का पता होना बहुत जरूरी है।
कारण
- ओस्टियोआर्थराइटिस हिप पेन का एक सबसे कॉमन कारण है, खासकर ऐसा बढ़ती उम्र के लोगों में देखने को मिलता है। अर्थराइटिस की स्थिति में हिप जॉइंट में इन्फ्लेमेशन हो सकता है, कार्टिलेज घिसना शुरू हो जाते हैं, जिसकी वजह से असहनीय दर्द का अनुभव होता है वहीं मोशन कम हो जाता है और कूल्हे में अकड़न महसूस होता है।
- बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। वहीं यदि आप उचित डाइट नहीं लेती हैं, और जीवन शैली की गतिविधियों को असंतुलित रखती हैं, तो इस स्थिति में भी हड्डियों पर नकारात्मक असर पड़ता है, जिसकी वजह से यह कमजोर हो जाती हैं। कमजोर हड्डियां आसानी से टूट सकती हैं, आपको चोट लगता है, या आप कहीं गिरती हैं तो इस दौरान हिप फ्रैक्चर का खतरा अधिक होता है। जिसकी वजह से क्रॉनिक टिप पेन का सामना करना पड़ता है।
- टेंडर्स टिशु का एक थिक बैंड है, जो हड्डियों को मांसपेशियों से जोड़ता है। टेंडिनाइटिस की स्थिति में टेंडर्स में इन्फ्लेमेशन और इरिटेशन हो सकता है। ऐसा तब होता है जब हड्डियों पर अत्यधिक स्ट्रेस पड़ता है।
इलाज - हिट और कोल्ड ट्रीटमेंट – हिट ओर कोल्ड ट्रीटमेंट हिप पेन से राहत पाने के दो बेहद प्रभावित तरीके हैं। खासकर यदि आपका दर्द अचानक से शुरू हो गया है, तो इस स्थिति में इन्हें आजमा कर आप अपने दर्द को कम कर सकती हैं। हिट इन्फ्लेमेशन को कम करता है और दर्द से राहत प्राप्त करने में आपकी मदद करता है। यह ब्लड फ्लो को बढ़ा देता है, जिससे कि पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंच पाते हैं और बॉडी मसल्स रिलैक्स हो जाती है।
- स्ट्रेचिंग करें – नियमित रूप से स्ट्रेचिंग करने से मसल्स एक्टिवेट हो जाते हैं, और हड्डियां भी अधिक लेक्सिबल होती हैं। यदि आप हिप पेन से परेशान रहती हैं, तो आपको नियमित रूप से हिप स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। लंबे समय तक बैठने या फिर शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने के बाद, कमर को स्ट्रेच करें। इसके लिए भारी भरकम स्ट्रेचेज करने की आवश्यकता है, छोटी-मोटे स्ट्रेचिंग में भाग लेकर भी आप दर्द को नियंत्रित रख सकती हैं।
- वेट मैनेजमेंट – वेट मैनेजमेंट आपको दर्द से राहत पाने में मदद करेगा। बढ़ता वजन हड्डियों पर अधिक भार डालता है, जिसकी वजह से इन्फ्लेमेशन और बोन फ्रिक्शन बढ़ता है और यह दर्द का कारण बन सकता है। ऐसे में नियमित एक्सरसाइज, डाइट मैनेजमेंट आदि पर ध्यान दें। एक संतुलित वेट मैनेज करने से प्रेशर कम होता है और धीमे धीमे दर्द भी कम हो जाता है।
- हाइड्रो थेरेपी और फिजियोथैरेपी – यदि आपको हिप जॉइंट्स में बहुत ज्यादा दर्द रहता है और यह ठीक नहीं हो रहा है, तो आपको हाइड्रोथेरेपी या फिजियोथैरेपी में पार्टिसिपेट करना चाहिए। हाइड्रो थेरेपी जॉइंट्स के फ्लूइड मूवमेंट को रेगुलेट करती हैं। फिजियोथैरेपी में स्ट्रेचेज, मूवमेंट, मसाज आदि की मदद से दर्द और इन्फ्लेमेशन से राहत पाया जा सकता है।
घरेलू उपाय
- हिप्स में दर्द की समस्या दूर करने के लिए नीलगिरी के तेल का इस्तेमाल करें। हिप्स में दर्द दूर करने के लिए नीलगिरी तेल को लगाएं और मालिश करें। दर्द दूर करने के लिए आप विटामिन ई ऑयल का इस्तेमाल करें। इसके अलावा आप बादाम तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
- कूल्हों में दर्द हो रहा है, तो बर्फ से सिकाई करें। सिकाई करने के लिए बर्फ को एक कपड़े में लपेटें और उससे सिकाई करें। इससे आपको आराम मिलेगा। फ्लूड की कमी हो जाने के कारण भी हड्डियां आपस में रगड़ने लगती हैं। इस कारण से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। दर्द बढ़ने पर डॉक्टर को दिखाना न भूलें।
- नमक को गरम करें और एक साफ सूती कपड़े में बांध लें। पोटली बनाकर उसे कूल्हों पर रखकर सिकाई करें। इससे आपको आराम मिलेगा। इसके अलावा हेल्दी डाइट का सेवन करें। आप दर्द दूर करने के लिए पपीता का सेवन करें। पपीता में विटामिन सी पाया जाता है। हिप पेन दूर करने के लिए आप एक कटोरी पपीते का सेवन करें।
- लहसुन का सेवन करने से दर्द में आराम मिलता है। दर्द दूर करने के लिए लहसुन की 1 से 2 कलियों को एक गिलास गुनगुने पानी के साथ खाएं। लहसुन के साथ शहद का सेवन भी कर सकते हैं।
- हिप मसाज करने से दर्द से राहत प्राप्त करने में मदद मिलती है। आप इसके लिए अपने हाथ उंगलियां और कोहनी का इस्तेमाल कर सकती हैं। मसाज ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ा देता है और मांसपेशियों को एक्टिवेट करता है, जिससे की टेंशन रिलीज करने में मदद मिलती है।
कूल्हों के दर्द का सही और प्रभावी इलाज पाने के लिए यशोदा हॉस्पिटल अवश्य आएं, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सटीक जांच और आधुनिक उपचार प्रदान करते हैं, ताकि आप जल्द से जल्द दर्द से राहत पा सकें।
