क्या साइटिका तंत्रिका दर्द से राहत मिल सकती है?
अक्सर कई लोगों को कमर के नीचे दर्द होने लगता है। ज्यादातर लोग इस दर्द को यह करके अनदेखा कर देता है कि यह ज्यादा काम करने की वजह से हो रहा होगा। लेकिन जिसे आप आम दर्द करके नजर अंदाज कर रहे है वह साइटिका भी हो सकता है। आमतौर पर यह आपके शरीर के केवल एक तरफ को प्रभावित करता है। इसका सबसे आम एक हर्नियेटेड या स्लिप्ड डिस्क है जो तंत्रिका जड़ पर दबाव का कारण बनता है। साइटिका से पीड़ित अधिकांश लोग समय और स्वयं की देखभाल के उपचार के साथ अपने आप ठीक हो जाते हैं। अब आपके मन में यह सवाल ज़रूर आ रहा होगा कि साइटिका बीमारी के लक्षण क्या होते हैं, तो आप ऐसे ही सवालों के उत्तर पाने के लिए इस ब्लॉग को पढ़कर पा सकते है। एक ऐसी नस जो कुल्हे से लेकर पैर के पिछले हिस्से से लेकर एड़ी तक जाती है। आमतौर पर यह पैर के पीछे और संभवतः पैर में महसूस होता है। यह एक हर्नियेटेड डिस्क, अपक्षयी डिस्क रोग और लम्बर स्पाइनल स्टेनोसिस सहित सामान्य स्थितियों के कारण होता है।
हम सभी वैसे तो कई तरह के दर्द के शिकार रहा करते हैं लेकिन फिलहाल मानव शरीर से जुड़े दर्द की बात हो रही है। जब कभी भी शरीर के विभिन्न भागों में होने वाले तरह-तरह के मरीजों की चर्चा होती है साइटिका के दर्द की बात जरूर होती है। यह वह दर्द है जो कि अगर बढ़ जाए तो इंसान चलने-फिरने में भी अससर्थ हो जाता है। पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर यह कमर और नितंब होता हुआ पैरों तक पहुंच जाता है। लंबे समय तक बैठे रहने अथवा खड़े रहने पर इस दर्द के बढ़ जाने की आशंका रहती है। इस दर्द से पीड़ित लोगों को शौचालय की सीट से उठने का प्रयास करते हुए असह्य पीड़ा का सामना करना होता है और अगर रोगी युवा नहीं है तो वह अपने-आप उठ भी नहीं पाता। अधिकतर लोगों को छींकते, खांसते, हंसते हुए या फिर पेट में गैस हो जाने की स्थिति बहुत तेज दर्द होता है। पीछे की ओर झुकने पर दर्द बढ़ जाया करता है और कई बार तो पैरों में कमजोरी अथवा उनके सुन्न पड़ जाने का भी एहसास होता है। आमतौर पर साइटिका का दर्द किसी तरह की चोट की वजह से नहीं पैदा होता। कभी-कभी कोई भारी सामान उठाते हुए अथवा तेजी से चलते हुए यह दर्द उभर आता है।
साइटिका नस में तनाव के कारण होने वाला यह दर्द पीठ के सामान्य दर्द से अलग होता है। भले ही यह पीठ से शुरू होता हो लेकिन धीरे-धीरे बढ़ता हुआ पैरों तक पहुंच जाता है आम तौर पर इसमें बिजली के झटके जैसा दर्द होता है। इससे जलन पैदा होती है और कई बार ‘पैरों के सो जाने’ जैसी अनुभूति भी होती है। कभी-कभी एक ही पैर के एक भाग में दर्द होता है और दूसरा भाग सुन्न हो जाने का एहसास देता है।
साइटिका के दर्द का सबसे सामान्य कारण हर्निएटेड डिस्क अथवा स्लिप्ड डिस्क होता है। डिस्क पीठ की हड्डियों के बीच तकिए की तरह काम करते हैं। जब हम चलते हैं, झुकते हैं अथवा वजन उठाते हैं तो ये शॉक ऑवजर्वर की तरह काम करते हैं। अगर डिस्क का ऊपरी सिरा फट जाए तो बीच वाला हिस्सा साइटिका नस पर दबाव डालता है और फिर सियाटिका का दर्द शुरू हो जाता है। साइटिका नसें शरीर की सबसे बड़ी नसें होती हैं और इसकी मोटाई हमारी छोटी उंगली के बराबर होती है। बहुत से लोग जिन्हें स्पाइन सेनोसिस होता है उनकी पीठ के दोनों ओर साइटिका का दर्द हुआ करता है। उम्र बढ़ने के ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसे प्रभावों के कारण भी साइटिका हो सकता है। बहुत सी महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भी साइटिका के दर्द का अनुभव करती हैं।
अगर कई दिनों के बाद भी दर्द कम नहीं होता, अथवा बढ़ता हुआ प्रतीत होता है अगर आपकी उम्र 20 साल से कम अथवा 55 वर्ष से अधिक हो और आपके पहली बार पीठ के निचले हिस्से तथा पांवों तक चलने वाली यह दर्द हुआ हो, अगर आपकों कैंसर है या था, अगर पिछले कुछ समय में आपका वजन बहुत तेजी से कम हुआ है, अगर आपको दर्द के साथ-साथ बुखार रहता है, अगर आप एचआईवी पॉजिटिव हैं अथवा नशे के शिकार हैं तो आपको तत्काल ही विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। गहन जांच के बाद ही विशेषज्ञ चिकित्सक यह तय कर पाएगा कि इलाज की कौन सी प्रक्रिया अपनाई जाए। एमआरआई, ईएमजी तथा एनसीपी जैसी कई जांच प्रक्रियाएं हैं जिसके माध्यम से दर्द का कारण मालूम किया जा सकता है। कारण मालूम हो जाने पर इलाज में सुविधा हो जाती है। इसका इलाज भी अब सहज सुलभ हो गया है। सियाटिका के दर्द का बहुत बड़ा कारण है स्लिप डिस्क।
सर्जरी के अलावा दवाओं और व्यायामों के माध्यम से भी साइटिका के दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन सबसे जरूरी है जीवन शैली में बदलाव। खान-पान और रहन-सहन को सुव्यवस्थित किए जाने की जरूरत है जब दर्द हो रहा हो तब कम से कम बैठने की कोशिश करें। बैठे तभी जब उसमें खड़े रहने से अधिक आराम हो। इसी तरह कुछ समय तक लेटने के बाद थोड़ा चलने का प्रयास करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको साइटिका का दर्द क्यों हो रहा है, यह जानने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक ही यह बता सकते हैं कि आपका काम दवाओं, व्यायाम, जीवन शैली में बदलाव, फिजिकल थेरेपी से चलेगा या फिर आपको सर्जरी की जरूरत होगी।
साइटिका तंत्रिका दर्द से राहत और सही उपचार के लिए यशोदा हॉस्पिटल में अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें, जहाँ आधुनिक जांच और उन्नत उपचार सुविधाओं के साथ आपकी समस्या का प्रभावी समाधान किया जाता है।
