मौखिक कैंसर के संकेत और लक्षण

मौखिक कैंसर के संकेत और लक्षण

भारत में मौखिक कैंसर सबसे आम कैंसरों में से एक है। जीभ होंठ गाल तालु और गले पर इससे जुड़े लक्षण नजर आते हैं। ऐसे में अगर आप भी इन्हें नज़रअंदाज़ कर रहे हैं तो बता दें कि ये खतरानाक साबित हो सकता है। जरूरी है कि इसका समय रहते इलाज करवाकर इस घातक बीमारी से बचा जाए। अनियंत्रित जीवनशैली और खानपान में गड़बड़ी की वजह से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ साल पहले तक कैंसर एक दुर्लभ या बहुत कम लोगों में होने वाली बीमारी थी। लेकिन बीते कुछ सालों से कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। मुंह का कैंसर पुरुषों में होने वाला सबसे आम कैंसर है। मुंह की कोशिकाओं में अनियंत्रित रूप से विकास होने पर मुंह के कैंसर की शुरुआत होती है। मुंह के भीतर मौजूद किसी भी पार्ट में कैंसर कोशिकाएं बढ़ सकती हैं। मुंह में छाले होने पर भी मुंह के कैंसर का खतरा रहता है। हर साल मुंह के कैंसर के वजह से लाखों लोगों की मौत होती है। मुंह के कैंसर की शुरुआत होने पर ही इसके लक्षणों को पहचानकर सही कदम उठाने से आप इस गंभीर बीमारी का शिकार होने से बच सकते हैं।


कैसे होता है मुंह में कैंसर?

मुंह शरीर का एक ऐसा अंग है जिसका संपर्क सबसे ज्यादा बैक्टीरिया और वायरस से हो सकता है। भोजन को चबाने से लेकर पेट तक पहुंचाने का काम मुंह का होता है इसलिए मुंह में छाले और एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है। मुंह के कैंसर की वजह से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है। ज्यादातर लोगों में मुंह के कैंसर की समस्या 40 साल की उम्र के बाद होती है। महिलाओं की तुलना में मुंह का कैंसर पुरुषों में ज्यादा होता है। सही समय पर इस गंभीर बीमारी की पहचान करने से आप गंभीर रूप से इसका शिकार होने से बच सकते हैं।
मुंह का कैंसर मुंह के भीतर मौजूद किसी भी हिस्से में विकसित हो सकता है। यह बीमारी मुख्य रूप से होंठों, जीभ, मुंह के निचले हिस्से और मसूड़ों में देखने को मिलती है। यह कैंसर गालों के भीतरी हिस्से को भी प्रभावित करता है। इन अंगों में ट्यूमर का विकास होने की वजह से कैंसर सेल्स बनना शुरू होते हैं।

कारण

  • धूम्रपान, तंबाकू का सेवन और शराब पीने के कारण
  • खानपान में गड़बड़ी
  • मुंह से जुड़ी बीमारी
  • पारिवारिक इतिहास या आनुवांशिक कारणों से
  • मुंह में किसी तरह की चोट के कारण

लक्षण

  • मुंह में लंबे समय से छाले होना
  • मुंह के भीतर किसी हिस्से का बढ़ना
  • मुंह में दर्द और खाना निगलने में परेशानी
  • दांतों का गिरना
  • अचानक से वजन कम होना
  • गले में लंबे समय से खराश
  • मुंह से खून आना
  • भोजन करने में परेशानी
  • जबड़ों और मसूड़ों में दर्द
  • मुंह का ड्राई होना
  • गले के पीछे दर्द
  • गर्दन में सूजन
  • चेहरे पर अल्सर या सूजन

इलाज

मुंह में कैंसर के लक्षण दिखने पर डॉक्टर मरीजों की जांच करते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कैंसर की स्टेज का पता चलता है। इसके बाद डॉक्टर मरीज का इलाज शुरू करते हैं। मुंह के कैंसर में इलाज मरीजों की स्थिति पर निर्भर करता है। आमतौर पर मरीजों का इलाज सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और कीमोथेरेपी के माध्यम से किया जाता है। मुंह के कैंसर का इलाज लंबे समय तक चल सकता है। सही समय पर लक्षणों को पहचान कर इलाज लेने से मरीज जल्दी ठीक हो सकता है।
मौखिक कैंसर से बचाव के उपाय

  • तंबाकू का सेवन बिल्कुल भी न करें।
  • शराब से दूरी बना लें।
  • तेज धूप में ज्यादा समय रहने से बचें।
  • रेगुलर डेंटल चेकअप कराएं।
  • डाइट में हरी-सब्जियां, फ्रूट्स, सलाद और साबुत आनाज को शामिल करें।
  • पैक्ड फूड, प्रोसेस्ड फूड या सैचुरेटेड फूड्स का सेवन न करें।
यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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