कमर दर्द की शिकायत का जल्द करें समाधान
सुबह उठते ही अचानक शरीर में अकड़न सी आ जाना और पूरे शरीर में खासकर कमर में दर्द रहना एक आम सी बात हो गई है। इसका कई कारण हो सकते हैं, जिनको जानना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। चूंकि सुबह का दर्द कई बार पूरे दिन का दर्द बन जाता है और रूटीन की ऐसी की तैसी हो जाती है। लेकिन अधिकांश लोग इसे आम दर्द समझकर नज़रअंदाज़ करते हैं, जो बाद में एक बड़े रोग का कारण बन सकता है इसलिए लक्षण से पहले निवारण करना जरूरी है।
आजकल कमर दर्द की शिकायत इस कदर आम हो गईं हैं कि आप का कोई न कोई परिचित इससे परेशान अवश्य मिल जायेगा। आखिर यह कमर दर्द क्या है? और इसके क्या-क्या कारण हैं? रीढ़ की हड्डी में प्रत्येक दो वर्टिब्रा के बीच में एक डिस्क होती है जो कि एक शॉक-अब्जार्बर का कार्य करती है। घिस जाने पर यह डिस्क बड़ी हो कर बाहर निकल आती है और इस कारण से कमर के निचले हिस्से में भयंकर दर्द होता है। यह दर्द दोनों पैरों में भी जा सकता है।
सुबह कमर में दर्द होने के कारण
- एक ही करवट में सोने से सुबह कमर में दर्द हो सकता है।
- ऑस्टियोपोरोसस के कारण कमर में दर्द हो सकता है।
- स्लिप डिस्क में गड़बड़ी के कारण सुबह दर्द उठ सकता है।
- नरम गद्दे पर सोने के कारण भी कमर में दर्द उठ सकता है।
- शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण सुबह कमर दर्द हो सकती है।
- गैस बनने के कारण सुबह कमर में दर्द हो सकता है।
- हड्डियों के जोड़ में चिकनाई कम होना।
इलाज
इस कमर दर्द का आज की तारीख में सबसे बेहतर इलाज है, लेजर डिस्केक्टॉमी जिसे पिन होल सर्जरी भी कहते हैं। पहले मरीज को हफ्रतों अस्पताल में रहना पड़ता था और महीनों आराम की सलाह दी जाती थी। चिकित्सा विज्ञान में हुई नई उपलब्ध्यिों के कारण अब कमरदर्द का इलाज लेसर डिस्केटॉमी द्वारासफलतापूर्वक किया जा सकता है। इस तकनीक द्वारा उन रोगियों का इलाज भी सफलतापूर्वक किया जा सकता है, जिन्हें सामान्य इलाज से कोई राहत नहीं मिलती। इस तकनीक के द्वारा रोगी का इलाज अस्पताल में भर्ती हुए बिना ही ओ.पी.डी. में ही किया जा सकता है। लेसर डिस्केक्टॉमी द्वारा 15 मिनट की अवधि में ही कमर दर्द का इलाज केवल एक सुई के द्वारा संभव है। लोकल एनेस्थीसिया में यह प्रक्रिया करा कर रोगी, एक घंटे के भीतर ही घर जा सकते हैं और अपना सामान्य कार्य कर सकता है। इस प्रक्रिया का कोई हानिकारक असर भी नहीं है।
घरेलु उपाय - आपको भी सुबह- सुबह कमर दर्द सताता है, तो गरम पानी से सिकाई कर सकते हैं। सिकाई करने के लिए गरम पानी में नमक मिलाएं। इस पानी में साफ तौलिया भिगोकर निचोड़ दें और उससे कमर और पीठ की सिकाई करें।
- खराब बॉडी पॉश्चर के कारण भी सुबह कमर में दर्द हो सकता है। आप ऑफिस में बैठे हों या बेड पर लेटे हों, आपको हर समय अपने बॉडी पॉश्चर पर ध्यान देना चाहिए। बॉडी पॉश्चर ठीक रहने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है और मांसपेशियों में अकड़न या दर्द की समस्या नहीं होती।
- कमर में दर्द होने पर नीलगिरी तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। नीलगिरी तेल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते हैं। दर्द दूर करने के लिए नीलगिरी तेल को बादाम तेल के साथ मिलाकर हल्का गरम करें और उससे कमर की मालिश करें। ऐसा करने से दर्द ठीक हो जाएगा।
- लगातार काम करते रहने से भी कमर में दर्द उठ सकता है। आपको हर 10 से 15 मिनट में ब्रेक लेना चाहिए। एक ही पोजिशन में बैठने से बचें। कमर में दर्द का एक कारण आपका एक ही करवट में सोना भी हो सकता है। अगर आप रातभर एक ही पोजिशन में सोते हैं, तो सुबह दर्द होगा ही। जितनी बार आपकी नींद खुले, आपको करवट बदलना चाहिए।
- सुबह कमर में दर्द होता है, तो आपको दूध या कैल्शियम युक्त चीजों का सेवन करना चाहिए। शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण कमर में दर्द हो सकता है। महिलाओं में प्रेगनेंसी के बाद ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। डॉक्टर की सलाह के बाद आप कैल्शियम सप्लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं।
- कमर में दर्द ठीक करने के लिए आप लहसुन की 4 से 5 कलियां लें। उन्हें नारियल के तेल में गरम करें। जब तेल हल्का ठंडा हो जाए, तो उससे कमर की मालिश करें। लहसुन में दर्दनिवारक गुण मौजूद होते हैं। इससे आपका दर्द तुरंत ठीक हो जाएगा। आप दिन में 2 से 3 बार इस तेल से मालिश कर सकते हैं।
कमर दर्द जैसी समस्याओं का सही और प्रभावी इलाज पाने के लिए यशोदा हॉस्पिटल अवश्य आएं, जहाँ आधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा आपकी समस्या का सटीक निदान और उन्नत उपचार किया जाता है, ताकि आप जल्द से जल्द दर्द से राहत पाकर सामान्य जीवन जी सकें।
