स्तन कैंसर सर्जरी के बाद देखभाल कैसे करें?

स्तन कैंसर सर्जरी के बाद देखभाल कैसे करें?

सर्जरी चाहे कोई भी कारवाई जाए, लेकिन उसके बाद की देखभाल उतनी ही जरूरी हो जाती है। क्योंकि अगर देखभाल अच्छे से न की जाए तो फिर से वे बीमारी वापस लौट सकती है। स्तन कैंसर सर्जरी के बाद की देखभाल भी बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यह न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी मदद करती है। सर्जरी के बाद के शुरुआती हफ्ते शरीर में बदलाव और उसके प्रति संवेदनशीलता को समझने के होते हैं। इसके लिए समुचित देखभाल और आराम आवश्यक होता है। स्तन कैंसर सर्जरी के बाद सही देखभाल करना बेहद महत्वपूर्ण है ताकि संक्रमण का खतरा कम हो, घाव जल्दी भरे, और शरीर की रिकवरी अच्छी तरह से हो सके। चलिये कुछ महत्वपूर्ण देखभाल के तरीकों के बारे में जानते हैं-

  1. घाव की नियमित रूप से सफाई और ड्रेसिंग बदलना जरूरी है। सर्जन की सलाह के अनुसार ही इसे साफ और सूखा रखें। अगर घाव में सूजन, लाली, या असामान्य तरल का रिसाव हो रहा है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। सर्जरी के बाद घाव की देखभाल सावधानीपूर्वक करना आवश्यक होता है, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके। इसके लिए –

•    अपने हाथों को अच्छी तरह से धोकर ही घाव को छुएं।

•    डॉक्टर द्वारा बताए गए एंटीसेप्टिक क्रीम या लोशन का प्रयोग करें।

•    घाव को सूखा रखें और रोजाना पट्टी बदलें यदि डॉक्टर ने ऐसा कहा हो।

•    नहाते समय घाव पर पानी न डालें और घाव को रगड़ें नहीं। इसके लिए डॉक्टर से स्पंज-बाथ का तरीका जान सकते हैं।

2.    शुरुआत में अधिक भारी काम या गतिविधियाँ न करें। धीरे-धीरे हल्की गतिविधियाँ शुरू करें और डॉक्टर से सलाह लेकर ही व्यायाम करें। फिजिकल थेरेपी और हल्के स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज आपकी बांह और कंधे की ताकत को बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं। सर्जरी के बाद पूरी तरह आराम करना आवश्यक है, लेकिन कुछ हल्की गतिविधियाँ और व्यायाम करने से भी लाभ हो सकता है। सर्जरी के बाद की गई गतिविधियाँ रक्त प्रवाह को बेहतर बनाती हैं और तनाव भी कम करती हैं।

•    पहले दो-तीन हफ्तों तक भारी काम करने से बचें, जैसे भारी सामान उठाना, जिम जाना, या कोई मेहनत वाला काम करना।

•    धीरे-धीरे हल्के व्यायाम जैसे हाथों को ऊपर उठाना, कोहनियों को हिलाना शुरू करें। ये व्यायाम सूजन कम करने और कंधे की गति बनाए रखने में मदद करते हैं।
•    डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से निर्देश लें ताकि सही तरीके से व्यायाम कर सकें और किसी भी प्रकार की चोट से बच सकें।

3.    सर्जरी के दौरान लिंफ नोड्स निकालने से बांह में सूजन हो सकती है जिसे लिंफेडेमा कहते हैं। इससे बचने के लिए हाथ को ऊंचाई पर रखें और भारी वस्तु न उठाएं। बाँह पर टाइट कपड़े या ज्वैलरी पहनने से बचें और बांह की हल्की मसाज डॉक्टर की सलाह से करें।

4.    शरीर की रिकवरी के लिए प्रोटीन, विटामिन, और मिनरल्स से भरपूर आहार लें। हरी सब्जियाँ, फल, और फाइबर युक्त भोजन शरीर को ऊर्जा देते हैं और घाव जल्दी भरने में सहायक होते हैं। सर्जरी के बाद शरीर को जल्दी रिकवरी के लिए संतुलित आहार और सही पोषण की जरूरत होती है। इसलिए आपको अपने आहार में निम्नलिखित चीजें शामिल करनी चाहिए:

•    प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कि दालें, अंडे, मछली और पनीर घाव भरने में सहायक होते हैं।

•    विटामिन और खनिजों से भरपूर फल और सब्जियाँ जैसे कि हरी सब्जियाँ, गाजर, और संतरा इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।

•    शरीर को हाइड्रेटेड रखें, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।

•    अधिक तैलीय, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड से बचें, ताकि शरीर में किसी प्रकार की एलर्जी या गैस्ट्रिक समस्या न हो।

5.    सर्जरी के बाद मानसिक तनाव होना सामान्य है। परिवार और दोस्तों के साथ बात करना, सपोर्ट ग्रुप्स से जुड़ना या थेरापिस्ट से मदद लेना फायदेमंद हो सकता है। स्तन कैंसर की सर्जरी के बाद मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी होता है। अक्सर महिलाएँ शरीर में हुए बदलावों को लेकर चिंता और अवसाद का शिकार हो जाती हैं। इसके लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
•    परिवार और दोस्तों से बात करें और अपनी भावनाओं को साझा करें।

•    किसी सपोर्ट ग्रुप का हिस्सा बनें जहाँ आप अपने अनुभवों को साझा कर सकें और दूसरों के अनुभवों से प्रेरणा ले सकें।

•    योग और ध्यान का सहारा लें, ये मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और तनाव कम करते हैं।

•    किसी पेशेवर मनोचिकित्सक से सलाह लें, यदि आपको तनाव और चिंता महसूस हो रही हो।

6.    सर्जरी के बाद शरीर को भरपूर आराम और अच्छी नींद की जरूरत होती है। पूरी नींद लेने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और घाव भी जल्दी ठीक होते हैं। इस दौरान बाईं या दाईं करवट ले कर सोने के बजाए सीधा लेटें और हाथों को सीधा रखें ताकि आरामदायक स्थिति बनी रहे। आप एक अतिरिक्त तकिया का भी प्रयोग कर सकते हैं जिससे हाथ को सहारा मिल सके और घाव पर दबाव न पड़े।
7.    सर्जरी के बाद दर्द और सूजन सामान्य होती है और इसके प्रबंधन के लिए डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, ठंडे या गरम पैड का प्रयोग करना भी फायदेमंद होता है, लेकिन इसे अपने डॉक्टर की सलाह से ही करें। ठंडे पैड से सूजन कम होती है, जबकि गरम पैड मांसपेशियों की अकड़न में राहत पहुंचाता है। दर्द को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है कि आप दिए गए निर्देशों का पालन करें और दर्द की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें।
8.    सर्जरी के बाद नियमित रूप से डॉक्टर के पास जाना आवश्यक है। ये फॉलो-अप विजिट्स संक्रमण, सूजन, दर्द और घाव भरने की स्थिति को मॉनिटर करने के लिए होती हैं। डॉक्टर इन विजिट्स के दौरान आपकी स्थिति का आकलन कर सकते हैं और आगे की देखभाल के लिए दिशा-निर्देश दे सकते हैं। साथ ही, अगर किसी भी प्रकार की जटिलता होती है, तो समय पर इलाज संभव होता है।

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सर्जरी के बाद, कुछ महिलाओं को शरीर में बदलाव महसूस हो सकता है। यदि आप चाहें तो प्रोस्थेटिक्स (कृत्रिम अंग) या स्तन पुनर्निर्माण (रीकंस्ट्रक्शन) के विकल्प पर विचार कर सकती हैं। इसके लिए प्लास्टिक सर्जन से सलाह लेना अच्छा होता है। प्रोस्थेटिक्स या पुनर्निर्माण का निर्णय पूरी तरह से आपकी पसंद और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। स्तन कैंसर सर्जरी के बाद की देखभाल का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य को संतुलित करना है। सही देखभाल और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आप सर्जरी के बाद की रिकवरी को आसान बना सकती हैं। अपने शरीर की सुनें, स्वस्थ आदतें अपनाएं, और अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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