कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए क्या करना चाहिए?
आज बच्चे से लेकर बड़ों तक हर किसी को कोलेस्ट्रॉल की शिकायत रहती है। ऐसे में अगर इसे सही समय से नियंत्रित नहीं किया गया तो यह एक बड़ें रोग का रूप लें सकती है। इसे नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय भी कारगर साबित हो सकते हैं।
यह भी पढ़ें👉: दिल का ख्याल रखना क्यों है ज़रूरी और कैसे रखें दिल को स्वस्थ?
कारण
- शरीर में संतृप्त वसा का पूरा इस्तेमाल शरीर में होने पर भी हाई कोलेस्ट्रॉल पैदा हो सकता है। संतृप्त वसा भोजन ऐसे भोजन में पाई जाती है जिनमें कोलेस्ट्रॉल और फैट ज्यादा होता है।
- यदि आपके परिवार में पहले से ही किसी को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही है,तो यह आपके लिए भी चिंता का कारण है। यह आनुवंशिक हाई कोलेस्ट्रॉल भी समय पूर्व ब्लॉकेज और स्ट्रोक का कारण बनता है।
- ज्यादा शराब का सेवन लीवर और हार्ट की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है, जो कि हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाता है।
- जब लोग तनाव में होते हैं तो अपने आपको तसल्ली देने के लिए स्मोकिंग, शराब का सेवन और फैटी खाने का सेवन करते हैं। इसलिए लम्बे समय तक तनाव ब्लड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का कारण बनता है।
- बीमारी कुछ बीमारियाँ जैसे शुगर और हाइपोथायराइडिज्म आदि भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाती है। इस कारण, कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल में बनाये रखने के लिए नियमित रूप से मेडिकल जाँच कराते रहें।
लक्षण
- सिर में दर्द
- सांस फूलना
- मोटापा
- सीने में दर्द या बेचैनी
घरेलू उपाय
अखरोट एनर्जी का भंडार है। रोजाना चार अखरोट खाने से हमारे शरीर को तुरन्त एनर्जी मिलती है साथ ही इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, ओमेगा-3, फाइबर, कॉपर और फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। रोजाना सुबह चार अखरोट खाने से रक्तवाहनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल पिघलने लगता है और यह आपके बैड कोलेस्ट्रॉल को वापस यकृत तक भेजने में बहुत मददगार होता है इसलिए रोजाना चार अखरोट खाने की आदत डालिये।
- लहसुन में कुछ ऐसे एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होते हैं। इसके नियमित सेवन से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 9 से 15 प्रतिशत तक घट सकता है। इसके अलावा यह हाई ब्लडप्रेशर को भी नियंत्रित करता है। अगर कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपायों की बात की जाए तो रोजाना लहसुन की दो कलियां छीलकर खाना सबसे अच्छा घरेलू इलाज है।
- सोयाबीन, दालें और अंकुरित अनाज खून में मौजूद एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में लिवर की मदद करते हैं। ये चीजें अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी सहायक होती हैं।
- ऑलिव ऑयल में मौजूद मोनो अनसैचुरेटेड फैट कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर रखने में सहायक होता है। यह ऑर्टरी की दीवारों को मजबूत बनाता है। इससे हृदय रोग की आशंका कम हो जाती है। यह हाई ब्लडप्रेशर और शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखता है।
- अलसी के बीज भी बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत लाभदायक होते है। आप अलसी के बीजों का सेवन करें, या फिर अलसी के बीजों का पाउडर बनाकर रोजाना इसका सेवन करें। अलसी का थोड़ा पाउडर लेकर उसे एक गिलास छाछ में मिला लें। इसे अच्छी प्रकार से मिलाने के बाद इसका सेवन करें। अलसी को आप अपने सब्जी में भी इस्तेमाल करें।
- रोजाना सुबह खाली पेट, एक चम्मच आँवला के रस में एक चम्मच एलोवेरा का रस मिलाकर इसका नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल घटाया जा सकता है। आँवला में विटामिन-सी और साइट्रिक एसिड उच्च मात्रा में पाया जाता है जो कि कोलेस्ट्रॉल को कम करने और नियंत्रण में बहुत महत्वपूर्ण है।
- जितने भी विटामिन-सी और साइट्रिक एसिड युक्त फल हैं वह सभी कोलेस्ट्रॉल के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होते हैं जैसे- आँवला, अनार, नींबू, संतरा, मौसंबी आदि जो भी इस प्रकार के खट्टे अर्थात साइट्रिक एसिड युक्त फल और सब्जी हैं वह सभी आपके लिए अच्छे हैं। कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण के लिए इन फलों का नियमित सेवन करें।
- काला चना अक्सर ही घरों में सब्जी के रूप में खाया जाता है। काले चने में विटामिन-ए,बी.सी,डी, कैल्शियम, फाइबर, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल उच्च रहता है उन्हें काले चनों का सेवन करना चाहिए। रात को एक मुट्टी काले चने पानी में भिगोकर छोड़ दें और सुबह इन चनों को खाली पेट खाएं। साथ ही जिस पानी में चने भिगोये थे, उसे फेंकें नहीं बल्कि उस पानी को भी पियें। इसके अलावा भूने चने खाना भी आपके लिए लाभदायक है।
- रात को पानी में 10 से 12 किशमिश और 6 से 7 बादाम भिगो कर रख दें। सुबह खाली पेट बादाम और किशमिश का सेवन करें इससे भी कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कोलेस्ट्रॉल के मरीज इनका नियमित सेवन करें, ध्यान रहे कि अगर आपको शुगर है तो किशमिश का सेवन ना करें।
- अर्जुन के पेड़ की छाल को कई प्रकार के रोगों के इलाज में प्रयोग किया जाता है। अर्जुन की छाल आपको किराने की दुकान पर बाजार में आसानी से मिल जाएगी। थोड़ी सी अर्जुन की छाल लेकर उसे एक गिलास पानी में डालें और इस पानी को गर्म करें। इसे तब तक गर्म करें, जब तक यह पानी उबलकर आधा न रह जाए। अब इसको ठंडा होने दें, ठंडा होने पर इस काढ़े को चाय की तरह पियें, यह कोलेस्ट्रॉल कम करने का एक कारगर घरेलू उपाय है।
- अगर आप कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय खोज रहे हैं तो सबसे पहले लाल फैटी मांस, मक्खन, पनीर, केक, घी आदि अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम कर दें. यह कोलेस्ट्रॉल कम करने का सबसे कारगर उपाय है।
- हेल्दी फाइबर जैसे जई, जौ, फलियां, फल (सेब, खट्टे फल), और सब्जियों (ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, गाजर) के सेवन को बढ़ाएं। इससे पाचन तंत्र तो सही होता ही है और इसके साथ-साथ बैड कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर से बाहर निकल जाता है।
- सैचुरेटेड और ट्रांस फैट के स्थान पर जैतून के तेल, एवोकाडो, नट्स और बीज लाएं। ये सभी मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (बैड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को कम करने मदद कर सकते हैं।
- सैल्मन, मैकेरल और सार्डिन जैसी मछलियों में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने मदद कर सकता है। सप्ताह में कम से कम दो बार अपने आहार में मछली को शामिल करने का लक्ष्य रखें।
- नियमित शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चलना, जॉगिंग, साइकिल चलाना या तैराकी, एचडीएल कोलेस्ट्रॉल (गुड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को बढ़ा सकती है और समग्र हृदय स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है।
- संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ वजन बनाए रखने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर नियमित करने में मदद मिल सकती है।
- शराब का सेवन मध्यम स्तर तक सीमित रखें क्योंकि अत्यधिक शराब के सेवन से ट्राइग्लिसराइड के स्तर में वृद्धि हो सकती है। धूम्रपान छोड़ें क्योंकि यह एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।
- ग्रीन टी पीने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर में मामूली कमी देखी गई है। प्रयास करें कि रोजाना की चाय के स्थान पर इस चाय को पीएं।
- पोलिकोसैनोल गन्ने से प्राप्त एक प्राकृतिक सप्लिमेंट होता है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। हल्दी में करक्यूमिन होता है, जिसकी मदद से सूजन को कम करने में मदद मिलती है। हल्दी को अपने दैनिक आहार में शामिल करें क्योंकि इससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर सकारात्मक रूप से प्रभावित होता है।
यह भी पढ़ें👉: सर्दियों में हार्ट हेल्थ का ख्याल कैसे रखें
