कैंसर रोग से दूर रहने के लिए अपनाए ये तरीके

कैंसर रोग से दूर रहने के लिए अपनाए ये तरीके

हमारे यहां कैंसर शब्द का नाम सुनकर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं, भारत आज के बदले हुए दौर में तेजी से विकासशील देश के पथ से होते हुए विकसित देश बनने की तरफ अग्रसर हो रहा है। ऐसा कैंसर के क्षेत्र में भी हुआ है, लेकिन पश्चिमी देशों में कैंसर का इलाज उसी तरह से हो रहा है। कैंसर जैसा रोग भी ऐसे ही संबंध दिखा रहा है। विकसित देशों में प्रचलित कैंसर अब भारत में भी आम होतेजा रहे हैं। वास्तव में यह एक ऐसी बीमारी है जिसके प्रति हम अभी भी जागरुक नहीं हैं। ध्यान देने की बात यह है कि इस बीमारी के उपचार का खर्चा लगभग रोकथाम से दस गुना अधिक है। इसी लिए इसकी रोकथाम उपचार से ज्यादा आवश्यक है। कैंसर न हो इसके लिए जरूरी है कि आप अपने आदतों या सामान्य व्यवाहर में थोड़ी सा बदलाव लाएं।

कैंसर से बचाव के तरीके

धूम्रपान और तंबाकू का सेवन छोड़ें-
तंबाकू का सेवन कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। यह फेफड़ों, मुंह, गले, गले के नीचे, पैंक्रियाज, ब्लैडर, किडनी और कई अन्य प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है।
धूम्रपान छोड़ना और तंबाकू उत्पादों से बचना कैंसर से बचाव में अत्यधिक सहायक होता है।

स्वस्थआहार का पालन करें –

फल और सब्जियां:
अधिक फल,सब्जियां और फाइबरयुक्त आहार का सेवन करें। इनमें मौजूद विटामिन,खनिज,और एंटीऑक्सीडेंट कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।
संतुलित आहार –
वसा (विशेष रूप से ट्रांस और संतृप्त वसा)का सेवन कम करें,और प्रोसेस्ड फूड्स और रेड मीट की मात्रा सीमित करें। बाजार में मिलने वाली गंदी चीजें जैसे कि प्रोसेस्ड मीट, अल्कोहल, जंक फूड, फास्ट फूड कैंसर का कारण हो सकता है। इसलिए इन फूड से दूर रहें और हर दिन पर्याप्त मात्रा में हरी सब्जी और ताजे फलों का सेवन करें। ज्यादा चीनी का सेवन न करें। वहीं एनिमल प्रोडक्ट का ज्यादा सेवन भी नुकसानदेह है।
शारीरिक रूप से सक्रिय रहें –
नियमित शारीरिक गतिविधि मोटापा कम करने में सहायक होती है,जो कई प्रकार के कैंसर (जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर,कोलोन कैंसर,और एंडोमेट्रियल कैंसर)के जोखिम को कम करती है। प्रतिदिन कम से कम 30मिनट की शारीरिक गतिविधि जैसे चलना, दौड़ना, या योग करना कैंसर से बचाव में मदद करता है।
सूर्य की रोशनी से बचाव करें –
सूर्य की रोशनी से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट रेज कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकती है, इसलिए खुद को तेज धूप से बचाएं। दिन के 10 बजे से दोपहर के 4 बजे के बीच कड़ी धूप से बचने की कोशिश करें। सूरज की पराबैंगनी (UV)किरणों से बचने के लिए धूप में समय बिताने के दौरान सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, और सूर्य की किरणों से बचने के लिए छाया में रहें। दोपहर के समय,जब सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं,तो बाहर निकलने से बचें और धूप में जाने पर कपड़े,टोपी और सनग्लासेज का उपयोग करें। ये तरीके त्वचा कैंसर से बचाव में सहायक होते हैं।
शराबका सेवन सीमित करें –
शराब का अधिक सेवन कई प्रकार के कैंसर,जैसे कि ब्रेस्ट,कोलोन,लीवर,और मुंह के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है। अगर आप शराब का सेवन करते हैं,तो इसे सीमित मात्रा में करें। महिलाओं के लिए एक दिन में एक ड्रिंक और पुरुषों के लिए दो ड्रिंक्स से अधिक न लें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें –
मोटापा कई प्रकार के कैंसर जैसे ब्रेस्ट,कोलोन,किडनी,और लिवर कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए सही आहार और नियमित व्यायाम करना महत्वपूर्ण है।
पर्यावरणीय खतरों से बचाव करें-
प्रदूषण और रसायनों से बचें जो कैंसर का कारण बन सकते हैं,जैसे कि रेडॉन गैस,एस्बेस्टस,और अन्य हानिकारक रसायन। काम के स्थान पर अगर किसी भी तरह के कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाले)पदार्थों का संपर्क होता है, तो सावधानीपूर्वक सुरक्षा उपाय अपनाएं।
मानसिक तनाव और चिंता कम करें –
मानसिक तनाव और चिंता का सीधा संबंध कैंसर से नहीं होता,लेकिन यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है,जिससे बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। ध्यान,योग,और अन्य तकनीकों का उपयोग करके तनाव कम करें।
अनुवांशिक परामर्श-
अगर आपके परिवार में कैंसर का इतिहास है,तो अनुवांशिक परामर्श लेना उपयोगी हो सकता है। कुछ प्रकार के कैंसर अनुवांशिक होते हैं और उनकी पहचान समय रहते होने पर प्रभावी रोकथाम के उपाय किए जा सकते हैं।
वैक्सीन लगाएं-
कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनकी वजह से कैंसर हो सकता है। इनमें हेपटाइटिस बी, ह्यूमन पेपिलोमावायरस(HPV)प्रमुख है। इन दोनों बीमारियों की वैक्सीन बाजार में उपलब्ध है। इसलिए इन बीमारियों की वैक्सीन लगाने से कैंसर का रिस्क कम हो जाता है।
रेगुलर मेडिकल चेक-अप-
शरीर में किसी तरह के बदलाव होने पर तुरंत डॉक्टर से संपक करें। खासकर यदि स्किन के रंग में किसी तरह का बदलाव हो या गुदा द्वार, ब्रेस्ट और सर्विक्स में रत्ती भर बदलाव होने पर डॉक्टर के पास तुरंत जाएँ। हर दिन अपने शरीर के अंदरुनी अंगों में बदलाव का निरीक्षण करें।
इन सावधानियों का पालन करके आप कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच सबसे प्रभावी बचाव हैं।

कैंसर से जुड़ी किसी भी समस्या के सही निदान और आधुनिक उपचार के लिए यशोदा हॉस्पिटल अवश्य आएं, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उन्नत तकनीकों के साथ विश्वसनीय और प्रभावी इलाज प्रदान किया जाता है।

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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