अनियमित मासिक धर्म के कारण और उपचार समाधान

अनियमित मासिक धर्म के कारण और उपचार समाधान

मासिक धर्म से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां होना आम बात है। यह परेशानियां आमतौर पर हार्मोनल असंतुलन का संकेत होती हैं। एक सही मासिक चक्र लगभग 28 दिनों का होता है, जिन महिलाओं या किशोरियों को 29वें दिन पर मासिक धर्म हो जाते हैं, तो उनका मासिक चक्र एकदम सही होता है। लेकिन अगर आपको 21 दिनों में या उससे पहले मासिक धर्म शुरू हो जाते हैं और आपकी माहवारी 8 दिनों से अधिक समय तक रहती है, तो आप अनियमित मासिक धर्म की समस्या से ग्रस्त हैं।
कारण
• अचानक वजन का बढ़ना या घट जाना
• तनाव का बढ़ना
• आहार में पोषण में कमी
• स्ट्रेस व चिंता
• अधिक व्यायाम करना
• हार्मोन्स असंतुलित
• पीसीओडी व पीसीओएस
• जंक फूड का अधिक सेवन
लक्षण
यूटेरस में दर्द होना, कमर, पैर-हाथ और स्तनों में दर्द होना, भूख कम लगना, थकान महसूस होना, कब्ज आदि। यूट्रस में ब्लड क्लॉट्स का बनना भी इसी का एक लक्षण है।
आयुर्वेद में इलाज
• माहवारी के दौरान खट्टे और गरिष्ठ भोजन ना करें।
• बहुत ज्यादा मसालेदार चीजें ना खाएं।
• चाय, कॉफी और ठंडे पेय के सेवन से बचें।
• अनियमित माहवारी का घरेलू इलाज के तौर पर, एक कप पानी में 1 चम्मच धनिया के बीज और दाल चीनी पाउडर उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसमें आधा चम्मच बूरा (पीसी हुई चीनी) मिला लें। इस पानी को दिन में 2 बार पियें। इससे भी मासिक धर्म नियमित होने लगता है।
• माहवारी के दौरान शरीर को थकाने वाले कामों से बचना चाहिए।
• सबसे जरूरी, शारीरिक सफाई का विशेष ख्याल रखें।
घरेलू उपचार
• यदि आपके मासिक धर्म चक्र का कारण तनाव है, तो आप तनाव-मुक्त जीवन के लिए योगा और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। नियमित व्यायाम वैसे भी बहुत सारी परेशानियों का हल होता है। इससे कई तरह की बीमारियों से शरीर बचा रहता है।
• मासिक धर्म की अनियमितता से पीड़ित महिलाओं के लिए एक्यूपंक्चर भी लाभदायक साबित होता है।
• सबसे जरूरी, संतुलित और पौष्टिक आहार लें। हार्मोनल बैलेंस के लिए एक अच्छी डाइट बेहद जरूरी होती है।
नियमित महावारी आने के टिप्स
• बहुत कम खाना या बहुत ज्यादा खाना आपके शरीर पर प्रभाव डाल सकता है। यदि आपकोसही मात्रा में पोषक तत्त्व नहीं मिलते हैं तो आपके शरीर की वह ग्लैंड जो आपके हार्मोन्स को नियंत्रित रखती है उस पर असर पड़ता है। जिससे आपका मासिक अनियमित हो जाते हैं।
• यदि आपके शरीर में कार्ब्स की मात्रा कम है तो आपके पीरियड्स अनियमित होने के साथ साथ छूट भी सकते हैं। इसके अलावा कार्ब्स की कमी से थायरॉयड भी हो सकता है। इसलिए आप अपने भोजन में कार्ब्स की मात्रा पर ध्यान जरूर दें।
• फाइबर की मात्रा से आपके इजेस्ट्रोंन व प्रोजेस्ट्रॉन की एकाग्रता कम होती है। यह हार्मोन्स हमारे प्रजनन प्रणाली पर भी असर डालते हैं। इसलिए ज्यादा फाइबर खाने से ओवुलेशन पर फ़र्क पड़ता है। जिससे हमारे पीरियड्स अनियमित या लेट हो जाते हैं।
• पपीता व अनानास खाने से आपके पीरियड्स नियमित हो सकते हैं। इनमे कैरोटीन व ब्रोमेलेन नामक पोषक तत्व होते हैं जो आपके इजेस्ट्रोन लेवल को स्थिर रखते हैं और लाल रक्त कोशिकाएं व सफेद रक्त कोशिकाएं को बनाते हैं। ये दोनों ही बहुत लाभदायक फल है और इनको अपनी डाइट में अवश्य शामिल करना चाहिए।
• दालचीनी से आपका इंसुलिन लेवल नियंत्रित होता है। जिससे आपकी महावारी व हार्मोन्स पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। दालचीनी से महावारी के दौरान होने वाले दर्द में भी राहत मिलती है। जिन महिलाओं को पीसीओ की वजह से अनियमत महावारी आती है,दालचीनी खाना उनकी महावारी को नियमित करने में मददगार सिद्ध हो सकती है।
• हल्दी में करक्यूमिन होता है ।जिसके ढेर सारे स्वास्थ्य लाभ होते हैं। हल्दी से आपकी महावारी नियमित होने में भी सहायता मिलती है। अपने खाने में हल्दी जरूर शामिल करें। हल्दी के अन्य लाभ भी होते हैं। जैसे यह महावारी के दौरान आपके मूड स्विंग को भी ठीक रखने में सहायक है।

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यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

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यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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