खर्राटों को रोकने के लिए क्या करें?

खर्राटों को रोकने के लिए क्या करें?

खर्राटे लेना एक ऐसी समस्या है, जो आज 10 में से 4 को होती ही है। सोते वक्त कई लोग बहुत ज्यादा खर्राटे लेते हैं। कुछ लोगों को ये समस्या कम तो कुछ लोगों को ये समस्या ज्यादा होती है। खर्राटे लेने की अलग-अलग वजह हो सकती हैं। कुछ लोगों को खर्राटे की समस्या थकान के कारण हो सकती है तो कुछ लोगों को इसकी वजह तनाव भी हो सकता है। हालांकि जो लोग खर्राटे की समस्या का सामना कर रहे होते हैं उन्हें खुद इस बात की जानकारी नहीं होती कि वो सोते वक्त खर्राटे लेते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वो गहरी नींद में होते हैं। कभी-कभी यह किसी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति का संकेत भी हो सकती है। हालांकि, खर्राटे लेने वाला इंसान के लिए यह उतनी समस्‍या वाली बात नहीं लगती लेकिन जो भी उसके आसपास सोता है उसकी नींद खराब हो जाती है। लाइफस्टाइल में बदलावों से खर्राटों को रोकने में मदद मिल सकती है। अगर आपको भी खर्राटे आते हैं तो कुछ तरीकों से आप खर्राटों की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। ऐसे में आप इसे सामान्‍य बात न समझें और तुरंत डॉक्‍टर से जांच कराएं। इससे पहले आप कुछ घरेलू नुस्‍खों की मदद से इस समस्‍या को कम करने का तरीका आजमा सकते हैं, जिसकी मदद से आप खर्राटे की समस्‍या को घर पर ठीक कर सकते हैं।

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कारण

•    मोटापा

•    नाक और गले की मसल्स का कमजोर हो जाना

•    सर्दी लग जाना

•    स्मोकिंग

•    रेस्पिरेट्री समस्या

•    लंग्स में प्रॉपर ऑक्सीजन न पहुंचना

•    साइनस की समस्या

घरेलू उपाय

• आप अगर पुदीना का तेल गुनगुने पानी में डालकर गरारा करें तो कुछ ही दिनों में खर्राटे की समस्‍या दूर हो जा सकती है। इसके अलावा अगर आप गुनगुने पानी में पुदीना का पत्‍ता उबालें और उसे पिये तो इससे भी खर्राटे की दिक्कत धीरे-धीरे खत्‍म हो सकती है।

• आप एक गिलास गुनगुना पानी लें और इसमें दो से तीन चम्‍मच दालचीनी का पाउडर मिलाएं। अब इसे पी लें। ऐसा कुछ दिन लगातार करें।

• आप लहसुन की एक कली रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ निगल लें। आपको खर्राटे से राहत मिलेगी।

• जैतून के तेल को नाक में डालने से सांस लेने में आने वाली समस्या दूर हो जाती है। हर रात सोने से पहले जैतून तेल की कुछ बूंदे नाक में डाल लेनी चाहिए। इससे धीरे-धीरे खर्राटे की परेशानी भी दूर हो जाती है।

• देसी घी के माध्यम से भी आप खर्राटे की समस्या को दूर कर सकते हैं। इसके लिए आपको सबसे पहले देसी घी को हल्का गर्म करना होगा। इसके बाद घी की कुछ बूंदों को नाक में डालने से खर्राटे की समस्या दूर हो जाती है।

• अगर किसी को खर्राटे लेने की समस्या है तो वो हल्दी का सेवन करें। हल्दी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते होते हैं जो कि नाक में कंजस्टेड रास्ते को खोलने में सहायता करते हैं। इसलिए आप रोजाना सोने से करीब आधा घंटे पहले गर्म दूध में हल्दी डालकर पिएं। इससे आपको खर्राटों की समस्या में आराम मिलेगा।

• खर्राटों की समस्या में शहद भी काफी असरदार है। इसमें भी प्रचुर मात्रा में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। ऐसे अगर आप सोने से पहले शहद की चाय या फिर गर्म पानी में शहद को मिलाकर पिएं तो आपको आराम मिलेगा। शहद का सेवन करने से नाक का मार्ग खुलेगा जिससे ऑक्सीजन आसानी से गुजरती है।

• अगर आपको खर्राटे की दिक्कत है तो आप सोया मिल्क का सेवन करें। इसका सेवन रोजाना करने से भी आपको खर्राटों की समस्या में आराम मिलेगा।

• सब्जी में खाने का स्वाद बढ़ाने के अलावा प्याज आपको खर्राटों की समस्या को दूर भगाने में भी मददगार है। इसके लिए बस आप रात के खाने में पकी हुई प्याज को शामिल करें। प्याज की महक दिमाग को राहत पहुंचाएगी और बिना खर्राटे लिए आप आराम से सो जाएंगे।

व्यायाम से मिलेगा आराम

1.    जीभ व्यायाम

जीभ को तालु के आगे से पीछे की ओर ले जाने का व्यायाम। अपनी जीभ की नोक को अपने ऊपरी सामने के दांतों के पीछे रखें। धीरे-धीरे अपनी जीभ को पीछे की ओर खिसकाएँ, जिससे नोक आपके मुंह की छत के साथ चलती रहे। इसे 5-10 बार दोहराएँ। इससे आपकी जीभ और गले की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। अपनी जीभ को जितना हो सके उतना बाहर निकालें। छत की ओर देखते हुए अपनी जीभ से अपनी ठुड्डी को छूने की कोशिश करें। 10-15 सेकंड तक रुकें और धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएँ। इसे 5 बार दोहराएँ। इससे जीभ की ताकत बढ़ती है। अपनी जीभ को अपने मुंह की छत के ऊपर ऊपर की ओर चिपकाएँ और अपनी पूरी जीभ को उसके ऊपर दबाएँ। इस स्थिति में 10 सेकंड तक रहें। इसे 5 बार दोहराएँ। इससे जीभ और कोमल तालु दोनों की टोन और ताकत में सुधार करने में मदद मिलती है। अपनी जीभ की नोक को अपने निचले सामने के दांतों पर रखें और फिर अपनी जीभ के पिछले हिस्से को अपने मुंह के तल पर सपाट करके दबाएं। इस स्थिति को 10 सेकंड तक बनाए रखें। इसे 5 बार दोहराएं। इससे जीभ और कोमल तालु दोनों की टोन और ताकत में सुधार करने में मदद मिलती है।

2.    चेहरे के व्यायाम

मुंह के व्यायाम आपके चेहरे की मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं, जिससे खर्राटों को रोकने में मदद मिलती है। ये व्यायाम दिन में कई बार किए जा सकते हैं। अपनी उंगली को मोड़कर अपने दाहिने गाल को हल्के से बाहर की ओर खींचें, और फिर अपने चेहरे की मांसपेशियों का उपयोग करके अपने गाल को अंदर की ओर खींचें। प्रत्येक तरफ़ से 10 बार दोहराएँ। इससे सांस लेते समय मुंह बंद रखने में सहायता मिल सकती है। जबड़े को मजबूत करने वाले खर्राटों के व्यायाम के लिए अपने होठों को सिकोड़कर अपना मुंह कसकर बंद करें। फिर अपना मुंह खोलें, अपने जबड़े और होठों को आराम दें। इसे 10 बार दोहराएं। यह व्यायाम जबड़े के साथ-साथ चेहरे और गले की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है।

3.    नाक से सांस लेना

यह व्यायाम नाक से सांस लेने में सुधार करता है, जिससे नींद के दौरान वायुमार्ग स्थिर रहता है। अपना मुंह बंद करके और जबड़े को ढीला छोड़कर, नाक से सांस अंदर लें।

फिर, अपनी उंगली या अंगुली लेकर एक नथुने को बंद कर लें। खुले नथुने से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। नाक के दोनों छिद्रों से बारी-बारी से ऐसा लगभग 10 बार करें।

आप यह भी देख सकते हैं कि एक नथुना दूसरे की तुलना में अधिक बंद हो गया है, और आप बंद नथुने से सांस लेने का प्रयास करते हैं।

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यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

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