पेट फूलने से कैसे बचें और क्या करें?
एसिडिटी, गैस होने की समस्या होना, पेट फूलना जैसी समस्याएं आजकल बहुत ही आम हो गई है। इसका एक ही मूल कारण है समय के अभाव के कारण लोग हद से ज्यादा अनियमित और असंतुलित जीवनशैली का निर्वाह करने लगे हैं, जिसका सीधा असर पेट पर पड़ता है। पेट में अंदरूनी परत होती है, जिसे म्यूकोसा कहते हैं। इसी परत में कई छोटी-छोटी ग्रन्थियां होती हैं, जो भोजन को हजम करने के लिए स्टमक एसिड और पेप्सिन नामक एंजाइम का निर्माण करती हैं। जहां, स्टमक एसिड भोजन को पचाता है, वहीं पेप्सिन प्रोटीन को हजम करता है। इसी अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है, तो पेट में गैस की समस्या होने लगती है। इस कारण स्टमक ऐसिड और पेप्सिन का उत्पादन कम होने लगता है और पेट खराब हो जाता है, जिससे पेट फूलना यानि ब्लोटिंग की समस्या होने लगती है।
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लक्षण
- पेट का भरा महसूस होना
- बेचैनी
- पेट में हल्की जलन
- घबराहट
- बेचैनी
- पेट में दर्द
- कब्ज या दस्त
- वजन घटना
- थकान
- तेज सिरदर्द या कमजोरी
- बार-बार गैस बनना
- गैस निकलने पर बदबू आना
- खट्टी डकारे आना
- उल्टी जैसा महसूस होना
- भूख कम लगना
- लगातार हिचकी आना
- पेट में ऐंठन होना
- कभी-कभी बुखार आना
- कब्ज
- मल का रंग बदलना या फिर उसके साथ खून आना
कारण
आमतौर पर पेट फूलने का कारण पेट में बनने वाली गैस होती है। जिससे पेट का आकार बढ़ने लगता है। इसे पेट की सूजन भी कहते हैं। सामान्य तौर पर ऐसा खाना खाने के बाद महसूस होता है। यह समस्या तब आती है जब छोटी आंत के अन्दर गैस भर जाता है। इसका सीधा संकेत पाचन क्रिया में गड़बड़ी भी होती है। वैसे तो इसे आम समस्या समझा जाता है लेकिन नजर अंदाज करने पर यह बीमारी गंभीर भी बन सकती है।
- ब्लोटिंग कई कारणों से हो सकते हैं जैसे, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, हार्मोनल असंतुलन, बासी भोजन का सेवन, पेट में पानी या फ्लूइड का भर जाना, कब्ज, ज्यादा देर तक भूखे या फिर कई घंटे एक ही जगह पर बैठे रहना, पीरीयड्स आने पर होने वाले शारीरिक बदलाव भी पेट के फूलने का कारण बनते हैं। इसके अलावा दवाइयों का अधिक सेवन या और भी बहुत से कारण हैं जो ब्लोटिंग की वजह हैं। इससे सेहत पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है, इससे छुटकारा पाने के लिए सही लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी होता है।
- पेट फूलने की समस्या ज्यादातर तला-भुना खाने और मसालेदार भोजन के सेवन से होता है। पेट फूलने की वजह से आपको रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है। पेट फूलने के कारण पेट भरा-भरा लगता है और भूख का पता नहीं चलता है और न ही आप ऐसे में भोजन का ठीक से आनंद ले पाते हैं। सर्दी में आमतौर पर पेट में गैस बनने, पेट के भारीपन और पेट फूलने की समस्या बढ़ जाती है। इसके कारण आपको दिन में आलस बहुत आता है और आप हर समय थका हुआ महसूस करते हैं। गैस ज्यादा बनने के कारण कई बार आपको शर्मिन्दा भी होना पड़ता है। सर्दी में ये समस्याएं इसलिए बढ़ जाती हैं क्योंकि आमतौर पर सर्दियों में हमारा मेटाबॉलिज्म और पाचन धीरे हो जाता है, जिसके कारण भारी आहार आसानी से पचता नहीं है।
- अक्सर लोग खाना खाने के साथ-साथ पानी पीते रहते हैं। ये आदत भी गैस ज्यादा बनने और ब्लोटिंग की समस्या के लिए जिम्मेदार हो सकती है। इसलिए खाना खाते समय या इसके तुरन्त बाद पानी न पिएं। ध्यान रखें कि अगर आपको पानी पीना है तो खाने से 30-45 मिनट पहले या 30-45 मिनट बाद ही पिएं। इससे आपका आहार ठीक से पचेगा और गैस या पेट में भारीपन की समस्या नहीं होगी।
उपचार
रात को देर से खाने से भी पेट में गैस और भारीपन की समस्या होती है। दरअसल जब भी आप रात में देर से खाना खाते हैं और उसके बाद सो जाते हैं तो वो खाना पचता नहीं है। ये बिना पचा हुआ खाना गैस, पेट दर्द और कब्ज का कारण बनता है। लम्बे समय तक ये आदत आपके लिवर और पाचनतंत्र को खराब कर सकती है। रात का खाना हमेशा सोने से 2-3 घंटे पहले जरूर खा लें।
- कुछ लोगों की आदत होती है कि खाना खाने के तुरन्त बाद लेट जाते हैं या सो जाते हैं। खाना खाने के बाद आमतौर पर नींद आती है मगर फिर भी तुरन्त सो जाना आपके पाचनतंत्र और सेहत के लिए खतरनाक है। इससे पेट में गैस, कब्ज और भारीपन की समस्या हो सकती है। इसलिए खाना खाने के बाद थोड़ी दूर जरूर टहलें। अगर समय कम है तो कम से कम 15 मिनट जरूर टहलें।
- गैस पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ, लैक्टोज या ग्लूटेन जैसे ट्रिगर खाद्य पदार्थों की पहचान करना और उनसे बचना, सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। आपका प्राथमिक चिकित्सक या पंजीकृत आहारिकीविद आपको एक उपयुक्त आहार योजना विकसित करने में मदद कर सकता है।
- सिमेथिकोन, अल्फा-गैलेक्टोसिडेस एंजाइम्स या प्रोबायोटिक्स जैसी दवाएं गैस और सूजन को कम करने में मदद कर सकती हैं।
- ध्यान, योग या गहरी साँस लेने के व्यायाम जैसी तनाव कम करने वाली तकनीकों को अपनाने से तनाव और चिंता के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है।
- पाचन एंजाइम की खुराक भोजन को तोड़ने और सूजन को कम करने में सहायता कर सकती है।
- पुदीना तेल में ऐंठन-रोधी गुण होते हैं और यह सूजन और पेट की परेशानी से राहत दिला सकता है।
- जीवनशैली में बदलाव करने से, जैसे धीरे-धीरे खाना, कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से बचना, और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, सूजन को रोकने और प्रबंधित करने में मदद कर सकता है।
निवारण
- खान-पान की आदतों में बदलाव करें।
- हाइड्रेटेड रहें।
- फाइबर का सेवन धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
- नियमित व्यायाम करें।
- गैस पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें।
- तंग कपड़े पहनने से बचें।
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