हर्निया(Hernia) को न करें अनदेखा

हर्निया(Hernia) को न करें अनदेखा

हर्निया बच्चों, बड़ों, महिला या पुरुष किसी को भी हो सकता है। पुरुषों में हर्निया के मामले महिलाओं से करीब 25 फीसदी ज्यादा होते हैं। शरीर के किसी अंग का अतिरिक्त बढ़ जाना हार्निया हैं। यह किसी भी अंग में हो सकता है, लेकिन पेट के हर्निया के मामले सबसे ज्यादा होते हैं। इसमें पेट की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती है और आंत बाहर की ओर निकल जाती है। जहां हर्निया होता है, वहां उभार हो जाता है और उसमें दर्द बना रहता है। हर्निया की समस्या जन्मजात भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में इसे कॉगेनाइटल हर्निया कहते है। यह समस्या 10 में से 2-3 लोगों में पाई जाती हैं।

क्या होता है हर्निया(Hernia)?
हर्निया मूल रूप से पेट की दीवार की छेद है, जिससे आंत व अन्य अंग बाहर निकल सकते है। हर्निया की विकृति नाभि, ग्रोइन क्षेत्र और पूर्व हुए ऑपरेशन की जगहों में हो सकती है। आम तौर पर इसमें रोगी को हल्की परेशानी होती है, जिसे सहन किया जा सकता है इसलिए रोगी इसकी अनदेखी करते हैं। सभी हर्निया समय के साथ बड़े होते जाते है, लेकिन छोटे हर्निया अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि इससे आंत में रूकावट आने और गैगरीन होने की संभावना अधिक होती है।

क्या है हर्निया की समस्या?
हर्निया एक ऐसी स्थिति है, जो पेट या कमर के आसपास सबसे अधिक बार सामने आती है, जहां एक अंग या ऊतक आसपास की मांसपेशियों या संयोजी ऊतक में एक कमजोर उद्घाटन के माध्यम से निचोड़ और टूट जाता है जिसके परिणामस्वरूप दर्द और परेशानी का एक स्थानीय उभार होता है। हर्निया विभिन्न प्रकार के होते है और उनमें से अधिकांश जीवन के लिए खतरा नहीं होते है, लेकिन उन्हें प्रबंधित करना दर्दनाक हो सकता है, क्योंकि वे अपने आप ठीक नहीं होते है और जटिलताओं से बचने के लिए सुधारात्मक सर्जरी की आवश्यकता होती है।

हर्निया का संदेह होने पर चिकित्सीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर शारीरिक परीक्षण करते है और निदान की पुष्टि के लिए अल्ट्रासाउंड या एमआरआई जैसे इमेजिंग परीक्षणों की सिफारिश कर सकते है। हर्निया के उपचार विकल्पों में अक्सर कमजोर पेट की दीवार की मरम्मत और विस्थापित ऊतक को पुनर्स्थापित करने के लिए शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल होती है।

लक्षण

  1. मांसपेशी में गांठ बनना। यह गांठ ज्यादातर पेट के निचले हिस्से में बनती है।
  2. गांठ के कारण आपको खड़े होने, झुकने या खांसते समय दर्द हो सकता है।
  3. प्रभावित हिस्से में दर्द होना, छाती में दर्द होना इसके लक्षण हैं।
  4. हर्निया में पेट में ऐंठन और भारीपन महसूस होता है।
  5. गांठ वाले हिस्से में जलन होना और खाना निगलने में कठिनाई होना भी इसके लक्षण है।

    कारण
    हर्निया की समस्या कई कारणों से हो सकती है। बच्चों में एक तो यह समस्या जेनेटिक है और दूसरे पेट की मांसपेशियों में किसी तरह की कमी होने पर यह समस्या हो सकती है। कई बार गर्भावस्था के दौरान भी मां के पेट में होने वाली समस्या बच्चों में हर्निया का कारण बनती है। वहीं बड़ों में पेट में बड़े दबाव के कारण आमतौर पर यह समस्या उत्पन्न होती है। यह वजन उठाते हुए, अत्यधिक जोर लगाकर खांसने से, पुरानी चोट के कारण, कब्ज, गर्भावस्था के दौरान पेट की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाने के कारण भी हो सकता है। बढ़ती उम्र में इसके मामले बढ़ते जाते हैं।

    इलाज

    लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
    सभी प्रकार की हर्निया के लिए सर्जरी ही एक मात्र इलाज है। इसके लिए लेप्रोस्कोपी सर्जरी के रूप में कीजानी जाने वाली नयी विधि जिसमें बहुत छोटे छिद्र के द्वारा ऑपरेशन किया जाता है। इस सर्जरी में नये प्रकार के बायोडिग्रेडेबल मैश का भी इस्तेमाल किया जाता है। हर्निया रिपेयर प्रक्रिया के द्वारा स्किन में बहुत ही छोटा सा छेद (5 से.मी.) किया जाता है। इस ऑपरेशन के तहत शरीर में नेट स्थानांतरित कर दिया जाता है, कैन्युला (पतली ट्ïयूब) के द्वारा ही आर्थोस्कोपी (जोकि एक बहुत ही छोटा सा प्रकाशित कैमरा है) मरीज के शरीर में डाला जाता है, जिसमें एक छोटा सा कैमरा और प्रकाश के लिए छोटा सा बल्ब लगा रहता है जो भीतर के चित्र को फाइबर ऑप्टिक के माध्यम से टेलीविजन मानीटर पर भेजता है। टेलीविजन मानीटर पर बहुत उच्च क्षमता वाला कई गुणा बड़ा चित्र दिखता है। अत:सर्जन टेलीविजन मानिटर को देखते हुए सर्जरी की प्रक्रिया पूरी करता है। की होल सर्जरी ओपन सर्जरी की अपेक्षा बहुत ही आसान है क्योंकि इसमें मरीज जल्दी ठीक होकर अपनी आम दिनचर्या शुरु कर सकते हैं। इसमें ज्यादा दर्द भी नहीं होता है। इस तरह यह सबसे आधुनिकतम तकनीक है। वास्तव में की होल सर्जरी हर्निया के लिए एक प्रभावशाली तकनीक है। मरीज खुद को इस प्रक्रिया में दर्द मुक्त पाते हैं।

    रोबोटिक सर्जरी
    मेडिकल साइंस में नए-नए आविष्कारों ने आज के दौर में बड़े से बड़े रोग का इलाज आसान बना दिया है। हर्निया की समस्या खत्म करने के लिए भी अब एडवांस तरीके अपनाए जा रहे हैं जिसमें मरीज को दर्द कम होने के साथ-साथ उनकी जल्दी रिकवरी भी होती है। आज के दौर में हर्निया के इलाज का सबसे बेहतर तरीका रोबोटिक सर्जरी है। हर्निया एक सामान्य समस्या है लेकिन पारंपरिक सर्जरी या लैप्रोस्पोकिप के बाद भी ये पूरी तरह खत्म नहीं होती। जबकि रोबोटिक सर्जरी में, हर्निया को पूरी तरह हटा दिया जाता है और इसमें आंतों या दूसरे अंग टच तक नहीं होते। रोबोटिक सर्जरी का फायदा ये होता है कि पेशंट को दर्द कम होता है, घबराहट नहीं होती, खून भी बहुत कम बहता है और सबसे अहम बात ये कि रिकवरी फुल स्पीड में होती है। एक बार से ज्यादा होने वाले हर्निया के ट्रीटमेंट में भी रोबोटिक सर्जरी का रिजल्ट बहुत शानदार है, क्योंकि इसमें 3डी विजन के साथ हाथ की कलाई की तरह सर्जरी के उपकरण को हर दिशा में घुमाकर हर्निया को पूरी तरह खत्म कर दिया जाता है।

हर्निया या इससे जुड़े किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। सही जांच और प्रभावी इलाज के लिए यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद में विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *