समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण: यशोदा अस्पताल समूह के निदेशक, डॉ. रजत अरोड़ा
डॉ. रजत अरोड़ा, एमबीबीएस, एमडी, डीएम (कार्डियोलॉजी), एमआरसीपी (यूके), एफआरसीपी (ग्लासगो) और एमबीए (केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट), यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, गाज़ियाबाद के समूह निदेशक और दिल्ली एनसीआर स्थित, सीड्स ऑफ इनोसेंस (इनफर्टिलिटी एंड आईवीएफ सेंटर) और जीनस्ट्रिंग्स डायग्नोस्टिक सेंटर (जेनेटिक टेस्टिंग लैब) के सह-संस्थापक हैं।
इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में, डॉ. अरोड़ा ने 500 से अधिक पीसीआई और 6000 कोरोनरी एंजियोग्राफी की हैं। एएसडी डिवाइस क्लोजर, वीएसडी डिवाइस क्लोजर और आरएसओवी क्लोजर जैसे सभी प्रकार के जन्मजात हृदय-रोग एवं विकारों में प्रवीण, डॉ. रजत अरोड़ा एंडोवस्कुलर एओर्टिक रिपेयर, सभी प्रकार के पेसमेकर इंसर्शन, आईसीडी डिवाइस और सीआरटी थेरेपी करने में समान रूप से कुशल हैं।
यशोदा ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के नाम से प्रसिद्ध, उनकी अस्पताल श्रृंखला, दिल्ली एनसीआर के सबसे बड़े अस्पताल समूहों में से एक मानी जाती है। 15 से अधिक सुपर-स्पेशलिटीज़ और नवीनतम तकनीकों के साथ, यशोदा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली के परिधीय शहरों के लोगों की अच्छे एवं किफायती इलाज की तलाश में बड़े-बड़े शहर जाने की ज़रूरत को कम कर दिया है।
साल 2019 में, कैंसर की रोक-थाम एवं देश के लोगों को सर्वोत्तम इलाज प्रदान करने की आशा से दूसरी पीड़ी के लीडर, डॉ रजत अरोड़ा के कुशल नेतृत्व में संजय नगर, गाज़ियाबाद में यशोदा कैंसर इंस्टिट्यूट की नींव रखी गई थी। श्री राजनाथ सिंह जी, जो उस समय केंद्रीय गृह मंत्री थे, के करकमलों द्वारा इस अस्पताल का उद्घाटन किया गया था। अस्पताल में पूर्व भारतीय सेना के कैंसर विशेषज्ञों द्वारा दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कैंसर तकनीकों से श्रेष्ठतम कैंसर इलाज प्रदान किया जाता है।
सितंबर 2022 में, यशोदा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में रोबोटिक सर्जरी का शुभारंभ किया गया था, जिसका उद्घाटन श्री ओम बिरला जी, माननीय अध्यक्ष, 17वीं लोकसभा, के करकमलों द्वारा हुआ था। डॉ. रजत अरोड़ा के कुशल नेतृत्व में वसुंधरा में यशोदा समूह द्वारा यशोदा हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टिट्यूट नामक 120-बेड वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल के साथ, गाजियाबाद में अपने पंखों का विस्तार किया। 15 फरवरी 2023 को जनता के लिए अपने दरवाजे खोलते हुए, अस्पताल का उद्घाटन केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले और खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी और सड़क परिवहन, राजमार्ग और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह जी (सेवानिवृत्त) द्वारा किया गया।
समय पर उत्कृष्ट चिकित्सा देखभाल प्रदान करने की दृष्टि से, डॉ. रजत अरोड़ा प्रशंसित बांझपन विशेषज्ञ, डॉ. गौरी अग्रवाल के साथ सीड्स ऑफ इनोसेंस – आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर्स के सह-संस्थापक के रूप में, बेहद सस्ती कीमतों और बेहतरीन सफलता दरों पर पीजीटी-ए और पीजीटी-एम सहित दुनिया के सबसे उन्नत बांझपन समाधान लाने में अग्रणी हैं। उनकी उद्यमशीलता की यात्रा के बाद से ही, उनका बूट-स्ट्रैप्ड आईवीएफ-वेंचर, सीड्स ऑफ इनोसेंस, जो 2015 में स्थापित किया गया था, आज पैन-इंडिया उपस्थिति के साथ सफलतापूर्वक 16 केंद्रों तक विस्तारित हो गया है।
इसके अलावा, उन्हें जीनस्ट्रिंग्स डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से डॉ. गौरी अग्रवाल के साथ जीएमआर दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देश की पहली कोविड-19 टेस्टिंग लैब शुरू करने का श्रेय प्राप्त है। चंडीगढ़, अमृतसर और श्रीनगर हवाई अड्डों पर तीन अन्य स्वतंत्र लैब्स के साथ, जीनस्ट्रिंग्स ने आम जानता के लिए उत्तर भारत में कई डायग्नोस्टिक्स एवं कोविड-19 आरटी-पीसीआर परीक्षण केंद्र खोले हैं; सभी रिपोर्टें सामर्थ्य, समयबद्धता और प्रामाणिकता के मायनों पर खरा उतरती हैं।
उत्कृष्ट सहानुभूति रखने वाले डॉ. रजत अरोड़ा हमारे समय के सबसे बड़े मानवीय संकट, कोविड-19 महामारी में सबसे आगे थे। उनके मार्गदर्शन में, यशोदा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, नेहरू नगर, गाजियाबाद ने दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोगों को सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर, नर्सिंग और औषधीय सहायता प्रदान करते हुए कोविड और पोस्ट-कोविड दोनों जटिलताओं से पीड़ित हजारों रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया। उनके कोविड-परीक्षण केंद्र, जीनस्ट्रिंग्स ने कोविड के चरम पर प्रतिदिन 8000-10000 आरटी-पीसीआर परीक्षण किए, कर्मचारियों की कमी के बावजूद एवं 6 घंटे के रिकॉर्ड समय में परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराई।
एक ट्विटर इन्फ्लुएंसर के रूप में, डॉ. रजत अरोड़ा अपने अनुयायियों के बीच सक्रिय रूप से अपने राजनीतिक और साथ ही स्वास्थ्य संबंधी विचारों को साझा करते हैं। डेली पायनियर में प्रकाशित उनका लेख “डीलिंग विद कोविड, द उत्तर प्रदेश वे” को स्वयं श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ-साथ श्री पीयूष गोयल जी से भी प्रशंसा मिली।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के प्रचारक के रूप में, डॉ. रजत अरोड़ा पिछले सत्रह वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की लड़कियों की शिक्षा को प्रायोजित कर रहे हैं। यशोदा फाउंडेशन, डॉ. रजत अरोड़ा की परोपकारी शाखा, जिसका उद्देश्य जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है, नए अस्पतालों को एक्स-रे और एम्बुलेंस दान कर कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी में सक्रिय रूप से निरंतर लगी रहती है।
अपने इन्ही नेक इरादों के साथ, डॉ रजत अरोड़ा, आने वाले निकट समय में जनमानस के लिए और बहुत से अस्पतालों का निर्माण करेंगे; “हमारी यही कोशिश है कि यशोदा के माध्यम से हम ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की मदद करें।“
