स्तन कैंसर से अपने स्तनों की रक्षा करने के लिए सुझाव
स्तन कैंसर से बचाव के लिए कुछ स्वस्थ आदतें अपनाने और जोखिम घटाने के उपायों पर ध्यान देना आवश्यक है। हालांकि स्तन कैंसर की रोकथाम का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन कुछ सुझावों का पालन करने से इसका जोखिम कम किया जा सकता है।
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स्वस्थ वजन बनाए रखें – अधिक वजन होने पर स्तन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, खासकर रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद। स्वस्थ वजन बनाए रखना कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
शारीरिक सक्रियता बनाए रखें – नियमित व्यायाम जैसे कि चलना, दौड़ना, योग या तैराकी करने से स्तन कैंसर का खतरा कम हो सकता है। हर दिन कम से कम 30 मिनट का शारीरिक व्यायाम करें। फिजिकल एक्टिविटी से शरीर में हार्मोनल संतुलन बना रहता है और वसा का स्तर नियंत्रित होता है, जिससे स्तन कैंसर के जोखिम को घटाने में मदद मिलती है।
संतुलित और पोषक आहार लें – अपने आहार में ताजे फल, हरी सब्जियाँ, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ भी लाभकारी होते हैं क्योंकि वे शरीर को मुक्त कणों (फ्री रेडिकल्स) से बचाते हैं। तैलीय, शर्करा युक्त और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें। हरी सब्जियाँ, गाजर, और संतरे जैसे फल शरीर को कैंसर से लड़ने में मदद कर सकते हैं।
शराब का सेवन सीमित करें – स्तन कैंसर का खतरा शराब के सेवन से बढ़ सकता है। जितनी अधिक मात्रा में शराब का सेवन किया जाता है, स्तन कैंसर का जोखिम उतना ही बढ़ता है। अगर आप शराब का सेवन करती हैं, तो इसे सीमित मात्रा में ही लें या पूरी तरह से बंद कर दें। विशेषज्ञों के अनुसार, स्तन कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए महिलाओं को एक दिन में एक पेय से अधिक नहीं लेना चाहिए।
धूम्रपान से बचें – धूम्रपान न केवल स्तन कैंसर बल्कि कई अन्य प्रकार के कैंसर और हृदय रोगों का कारण बन सकता है। धूम्रपान छोड़ना स्वास्थ्य के लिए कई लाभकारी हो सकता है। धूम्रपान के नुकसान से बचने के लिए, एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ और धूम्रपान से दूरी बनाए रखें।
हार्मोनल थेरेपी को लेकर सतर्क रहें – हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और कुछ प्रकार की गर्भनिरोधक गोलियाँ लेने से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। यदि हार्मोनल थेरेपी की जरूरत हो, तो डॉक्टर से इसके फायदे और नुकसान के बारे में पूरी जानकारी लें। यदि हार्मोनल थेरेपी लेनी हो तो इसे कम से कम समय तक और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें।
जांच (ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन) नियमित रूप से करें – अपने स्तनों का नियमित रूप से निरीक्षण करना और किसी भी असामान्य बदलाव को पहचानना स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान में सहायक हो सकता है। मासिक रूप से एक समय निर्धारित करें जब आप स्तन जांच करें। स्तनों में किसी प्रकार की गांठ, दर्द, त्वचा में बदलाव, या निप्पल से असामान्य स्राव आदि की जाँच करें।
मैमोग्राफी और अन्य स्क्रीनिंग टेस्ट नियमित रूप से करवाएं- 40 साल की उम्र के बाद या डॉक्टर के सुझाव पर मैमोग्राफी और अन्य स्क्रीनिंग टेस्ट करवाना स्तन कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है। स्क्रीनिंग से कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता चल सकता है, जिससे इलाज जल्दी शुरू किया जा सकता है। यदि आपके परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास है, तो डॉक्टर से जल्दी और नियमित स्क्रीनिंग के बारे में चर्चा करें।
तनाव और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें- मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना शारीरिक स्वास्थ्य का। तनाव स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। तनाव कम करने के लिए ध्यान, योग, और पसंदीदा गतिविधियों में समय बिताएँ। सकारात्मक सोच और मानसिक शांति भी कैंसर के जोखिम को कम कर सकती है।
कुछ हर्बल उपचार जैसे हल्दी, ग्रीन टी और मेथी में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर में कैंसर सेल्स के विकास को कम कर सकते हैं। लेकिन इन्हें अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, ताकि वे आपके स्वास्थ्य और उपचार के अनुकूल हों। परिवार में स्तन कैंसर के इतिहास को जानने से आप सावधानी बरत सकती हैं। आनुवांशिक परीक्षण (जैसे BRCA1 और BRCA2) करवा सकती हैं, जिससे आपके जोखिम के स्तर का पता चल सकता है। डॉक्टर से परामर्श करके आप प्रिवेंटिव सर्जरी और नियमित स्क्रीनिंग पर विचार कर सकती हैं। स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता, नियमित देखभाल, और जीवनशैली में स्वस्थ आदतों को अपनाकर स्तन कैंसर से बचाव संभव है।
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