क्या स्तन दर्द स्तन कैंसर का संकेत हो सकता है?
ब्रेस्ट कैंसर के मामले बीते कुछ सालों में तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में हर महिला के लिए ये जानना जरूरी है कि कब आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। ब्रेस्ट पेन के कई संभावित कारण हो सकते हैं। जैसे पीरियड्स या गर्भावस्था के दौरान हार्मोन के स्तर में बदलाव अक्सर ब्रेस्ट पेन की वजह बनती है। आपके पीरियड्स के सामान्य होने से ठीक पहले कुछ सूजन और कोमलता हो सकती है। कुछ महिलाएं जिनके एक या दोनों स्तनों में दर्द होता है, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का डर हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर के रोगियों की स्किन चोटिल और सूजी हुए दिखाई दे सकती है। स्किन का रंग लाल, बैंगनी या फिर नीला दिखाई दे सकता है। इसके साथ ही स्तन में सूजन के लक्षण भी देखे जा सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप नियमित रूप से जांच करती रहे कि कहीं स्तन में ऐसे बदलाव तो नहीं देखे जा रहे।
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स्तन कैंसर के कारण से निपल्स की कोशिकाओं में परिवर्तन आ सकता है, जिससे वे अंदर की ओर उलटे हो सकते हैं। निप्पल में बदलाव अक्सर ओव्यूलेशन के दौरान और कभी-कभी मासिक धर्म के बीच भी दिखाई देता है। अगर आपको ऐसा कोई बदलाव दिखाई दे तो अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।
ब्रेस्ट कैंसर के मामले बीते कुछ सालों में तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में हर महिला के लिए ये जानना जरूरी है कि कब आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। ब्रेस्ट पेन के कई संभावित कारण हो सकते हैं। जैसे पीरियड्स या गर्भावस्था के दौरान हार्मोन के स्तर में बदलाव अक्सर ब्रेस्ट पेन की वजह बनती है। आपके पीरियड्स के सामान्य होने से ठीक पहले कुछ सूजन और कोमलता हो सकती है। कुछ महिलाएं जिनके एक या दोनों स्तनों में दर्द होता है, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का डर हो सकता है।
लक्षण
- ब्रेस्ट कैंसर के मामले में निप्पल से पीले, लाल या हरे रंग का लिक्विड डिस्चार्ज होता है। यदि कोई महिला बच्चे को स्तनपान नहीं करा रही है और फिर भी आपके निप्पल डिस्चार्ज हो रहे हैं तो तुरंत उसे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
- ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में आने पर ब्रेस्ट के स्किन टेक्सचर में बदलाव देखा जा सकता है। यह कैंसर कोशिकाओं के विकास की वजह से होने वाली सूजन से होता है। इससे स्किन के रंग में भी फर्क आ सकता है। ब्रेस्ट की त्वचा निप्पल और एरिओला के आसपास पपड़ीदार दिखने लग सकती है। ये कुछ जगहों पर मोटी भी दिख सकती है।
- ऐसा माना जाता है कि स्तन कैंसर के मरीजों में शुरुआती लक्षण के तौर पर निप्पल और स्तन में दर्द सामान्य है, लेकिन दरअसल इसके शुरुआती लक्षण सिर्फ ये ही नहीं। स्तन कैंसर की शुरुआती स्टेज में महिला के शरीर में कई बदलाव महसूस होते हैं।
- महिलाओं के शरीर में स्तन का कार्य अपने टिश्यू से दूध बनाने का होता है। ये टिश्यू सूक्ष्म वाहिनियों के जरिए निप्पल से जुड़े होते हैं। जब ब्रेस्ट वाहनियों में छोटे सख्त कण जमने लगते हैं या स्तन के टिश्यू में गांठ बनती है, तब कैंसर बढ़ने लगता है। स्तन कैंसर के दुर्लभ मामलों में कोई गांठ या असमान कोशिका में वृद्धि नहीं होती है, जिसके चलते अक्सर आप अपनी बीमारी के बारे में पता नहीं कर पाते हैं।
कारण - मैनोपॉज (जब तक कि कोई महिला हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी नहीं ले रही हो)।
- पीरियड्स और प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस)।
- प्रेगनेंसी- पहली तिमाही के दौरान ब्रेस्ट टेंडरनेस अधिक आम होती है।
- स्तनपान कराने से भी स्तन में दर्द हो सकता है।
- फाइब्रोसिस्टिक स्तन परिवर्तन स्तन दर्द का एक सामान्य कारण है। फ़ाइब्रोसिस्टिक स्तन ऊतक में गांठ या सिस्ट होते हैं जो आपके पीरियड्स से ठीक पहले अधिक सेंसेटिव हो जाते हैं।
- कुछ दवाएं भी स्तन दर्द का कारण बन सकती हैं।
- दाद के कारण भी स्तन में दर्द हो सकता है क्योंकि आपके स्तनों की स्किन पर दर्दनाक फफोलेदार दाने दिखाई देते हैं।
उपाय - एसिटामिनोफेन या इबुप्रोफेन जैसी दवा लें।
- स्तन पर गर्माहट या बर्फ का सेंक करें।
- एक अच्छी फिटिंग वाली ब्रा पहनें जो आपके स्तनों को सहारा दे, जैसे कि स्पोर्ट्स ब्रा।
- अपनी डाइट में फैट, कैफीन या चॉकलेट की मात्रा कम करने से स्तन दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।
कुछ बर्थ कंट्रोल पिल्स स्तन दर्द को कम करने में मदद कर सकती हैं, हालांकि कुछ अन्य मामलों में यह स्तन दर्द का कारण भी बन सकती हैं। अपने डॉक्टर से बात करने के बाद ही कोई दवा लें।
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