खर्राटों से बचने के लिए 10 टिप्स

खर्राटों से बचने के लिए 10 टिप्स

खर्राटा नींद से संबंधित एक समस्या है। यह आवाज सोने के बाद किसी भी समय शुरू और बंद हो सकती है। खर्राटे सांस अंदर लेते समय आते हैं। अधिकांश लोगों सोचते है कि खर्राटा का कोई इलाज नहीं है, लेकिन यह सोचना गलत है। जो लोग अक्सर बहुत ज्यादा खर्राटे लेते हैं उनके गले और नाक के ऊतक में बहुत ज्यादा कंपन होता है। इसके अलावा व्यक्ति की जीभ की स्थिति भी सांस लेने के रास्ते में आती है जिसके कारण खर्राटों की समस्या होती है। आप खर्राटों की समस्या को घरेलू इलाज से दूर कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें👉: खर्राटों को रोकने के लिए क्या करें?

खर्राटे रोकने के लिए घरेलू उपाय

•  पुदीने में कई ऐसे तत्व होते हैं जो गले और नाक के छेदों की सूजन को कम करने का काम करते हैं। इससे सांस लेना आसान हो जाता है। सोने से पहले पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर गराराकर लें। इस उपाय को कुछ दिन तक करते रहें। फर्क आपके सामने होगा। एक कप उबलता हुआ पानी लें। इसमें 10 पुदीने की पत्तियां डालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब यह पानी गुनगुना पीने योग्य हो जाए, तो इसे छानकर या बिना छाने ही पिएं। इससे कुछ ही दिनों में खर्राटों की समस्या ठीक हो जाती है।

• खर्राटे की समस्या से निजात पाने के लिए एक ग्लास गुनगुने पानी में तीन चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर पिएं। इसके लगातार सेवन से आपको काफी फायदे नजर आएंगे।

• अगर आप साइनस के कारण खर्राटे लेते हैं, तो लहसुन आपको राहत प्रदान करेगा। लहसुन में घाव को भरने का गुण होता है। लहसुन ब्लॉकेज को साफ करने के साथ ही श्वसन-तंत्र को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। एक या दो लहसुन की कली को पानी के साथ लें। इस उपाय को सोने से पहले करने से आप खर्राटों से राहत पा सकते हैं, साथ ही चैन की नींद ले सकते हैं।

• हल्दी में एंटी-सेप्टिक और एंटी-बायोटिक गुण होते हैं। इसके इस्तेमाल से नाक साफ हो जाता है। इससे सांस लेना आसान हो जाता है। रोज रात को सोने से पहले दूध में हल्दी पकाकर (हल्दी वाला दूध) पीने से फायदा होगा।

• दूध कई बीमारियों के लिए फायदेमंद है। रात को सोने से पहले कम से कम एक कप दूध अवश्य पिएं। इससे खर्राटे आने बंद हो जाते हैं।

•  एक ग्लास गर्म पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर सोने से आधा घंटे पहले पिएं। शहद में एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण होते हैं, जो गले और नाक में सूजन होने से रोकते हैं। इससे सांस लेने में आसानी रहती है।

स्टीम थेरेपी का प्रयोग

नाक बंद होने से खर्राटों की समस्या होने लगती है। इसका सबसे अच्छा समाधान स्टीम थेरेपी है। इससे बंद नाक खुल जाता है, और खर्राटों से राहत मिलती है।

बचाव

1. भूख से कम भोजन करें। रात को सोने से पहले भोजन ज्यादा मात्रा में ना करें।

2.  शरीर के हर भाग जैसे, हाथ, पैर और एब्स की एक्सरसाइज करने से सारी मांसपेशियां टोन हो जाती हैं। गले की मांसपेशियों की एक्सरसाइज होती है। इससे खर्राटे कम आते हैं।

3. आपने कभी गौर किया हो तो खर्राटे लेने वाले लोग अधिकतर मोटापे से ग्रस्त होते हैं। मोटे लोगों के गले के आस-पास बहुत अधिक वसा युक्त कोशिकाएं जमा हो जाती हैं, जिनसे गले में सिकुड़न होती है। इससे ही खर्राटे की ध्वनि निकलती है। यह हवा के रास्ते को भी रोकता है, जिससे भी सोते वक्त खर्राटे अधिक होते हैं। अगर आप खर्राटे से छुटकारा चाहते हैं तो वजन जरूर घटाएं।

4. अगर आप अपनी तकिया के खोल को समय-समय पर बदलते या साफ नहीं करते हैं, तो हो सकता है कि आप के खर्राटों की वजह यह भी हो। कई बार सिर की रूसी, या बाल तकिया पर गिरे होते हैं। यह कई सूक्ष्म जीवों के लिए जमीन तैयार कर देते हैं।

5. जब आप सांस लेते हैं, तो ये एलर्जी शरीर की श्वास संबंधी क्षमता को खत्म कर देती है। इससे निद्रा अश्वसन (नींद में सांस लेने की दिक्कत) या स्लीप एपनिया की समस्या होती है, और खर्राटे तेज हो जाते हैं।

6. वैसे तो पीठ के बल सोना ही आदर्श तरीका है, लेकिन कई बार इस मुद्रा में सोने से खर्राटे की आशंका बढ़ जाती है। इस मुद्रा में तालु व जीभ गले के ऊपरी भाग पर होते हैं। इससे ऊँची पिच में ध्वनि उत्पन्न होती है, और यह खर्राटों में तब्दील हो जाती है। आप अगर करवट के बल सोएंगे तो खर्राटों की आशंका कम होगी।

7.  रात को अधिक देर तक नहीं जागें। इसके कारण भी खर्टाटे आने लगते हैं। सोने के लिए अगर आप नींद की गोलियों या फिर शराब आदि का प्रयोग करते हैं तो बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इससे भी खर्राटे आते हैं।

8. धूम्रपान का फेफड़े पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इससे फेफड़े की क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को सोते वक्त ऑक्सीजन की कमी लगती है। इस स्थिति को स्लीप एपनिया यानी निद्रा अश्वसन (नींद में सांस लेने की समस्या) कहते हैं। इस स्थित में कई बार ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए भी शरीर खर्राटे लेता है।

9. खर्राटा से बचने के लिए व्यायाम और योगासन भी कर सकते हैं।

10. खर्राटा से बचने के लिए गले की मांसपेशियों की एक्सरसाइज करना लाभकारी साबित हो सकता है।

यह भी पढ़ें👉: गरम पानी से नहाना : क्या हैं इसके फायदे और नुकसान
यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाज़ियाबाद

यशोदा अस्पताल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यशोदा हॉस्पिटल का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद और नोएडा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के नाते, यशोदा अस्पताल में एक ही छत के नीचे सभी समर्पित विशिष्टताएँ हैं- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा, आर्थोपेडिक्स, मूत्रविज्ञान और कई अन्य।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *